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लुप्त होने को है भागीरथी की सहायक भिलंगाना

इंट्रो--- पिछले तीन वर्षो में आधे से भी कम हो गया पानी, बिजली परियोजनाओं पर भी संकटशैलेन्द्र गोदियाल घनसाली (टिहरी)भागीरथी की सहायक नदी भिलंगना सूखने की कगार पर है। तीन वर्षो में भिलंगना का पानी आधा भी नहीं बचा है। घुत्तू में तो पानी पत्थरों के नीचे गायब हो गया है। इससे स्थानीय लोगों सहित बिजली उत्पादक कंपनियाँ भी हैरान हैं। 22 मेगावाट की भिलंगना जल बिजली परियोजना से मात्र 5 और इसकी सहायक बालगंगा में बने गुनसोला हाइड्रो प्रोजेक्ट की 4 मेगावाट की परियोजना में केवल 1 मेगावाट बिजली पैदा हो पा रही है।इस बार जाड़े में बारिश और बर्फबारी न होने से नदियों का जलस्तर गिरा है। भिलंगना पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है। भागीरथी और भिलंगना के संगम पर बने टिहरी बाँध के जलाशय में भी पर्याप्त पानी नहीं है। भिलंगना जल बिजली परियोजना द्वारा घनसाली में पानी की माप के लिए स्थापित केंद्र के अनुसार, जनवरी 2007 में भिलंगना में 8.9 क्यूसेक पानी था। जनवरी 2008 में यह 7.6, जनवरी 2009 में 7.2, और जनवरी 2010 में यह मात्र 4.4 क्यूसेक बचा है। घुत्तू कस्बे में पानी पत्थरों के नीचे चले जाने से नदी गायब हो गई है। परियोजना की संचालक स्वास्ति कंपनी के प्रबंधक साईंबाबा का कहना है कि पानी घटने से बिजली उत्पादन घटा है। यहाँ बन रही पाँच बिजली परियोजनाओं के संचालक चिंतित हैं। पर्यावरणविद सुन्दरलाल बहुगुणा ने कहा, ‘मौसम चक्र में बदलाव तथा ग्लोबल वार्मिग से नदियों की ये हालत हुईहै। ग्लोबल वार्मिग बढ़ने से रोकने के लिए वन क्षेत्र बढ़ाना होगा।’फोटो- कम पानी के कारण घुत्तू में गायब हो गई भिलंगना नदी। 31ठळ1ं

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