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मायो इलेक्ट्रिकहैंड साबित हो रहा है वरदान

िहन्दुस्तान प्रितिनिधपटना। दुर्भाग्यवश दुर्घटना में हाथ यिद कट गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इसके िलए मायो इलेिक्ट्रक हैंड आपकी सोच के अनुरूप साथ देने को तैयार है। मायो इलेिक्ट्रक हैंड हाथ कटे हुए व्यिक्तयों के दैिनक जीवन में आने वाली चुनौितयों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह कहना है पीएमसीएच के हड्डी रोग िवशेषज्ञ डा. िवश्वेन्द्र कुमार िसन्हा का। वे रिववार को ‘भौितक िचकित्सा में पुनर्वास’ िवषय पर आयोिजत कार्यक्रम को संबोिधत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस इलेिक्ट्रक हाथ को लगाने के बाद हाथ कटा हुआ व्यिक्त अपने मुख्य कार्यो को प्राय: सफलतापूर्वक कर पाता है। पुर्नवास के क्षेत्र में िनत्य नए उपकरणों के आगमन से दुर्घटना में हाथ-पैर गंवाने वाले व्यिक्तयों का जीवन आसान हो गया है। पुनर्वास िवशेषज्ञ डा. एके वर्मा ने आिस्टयो आर्थोराइिटस िवषय पर चर्चा करते हुए कहा कि उम्र बढ़ने के साथ घुटने में दर्द की िशकायत एक आम समस्या बनती जा रही है। इस िस्थित में लोग चलने में लाचार हो जाते हैं। उपचार के नाम पर जोड़ बदल िदया जाता है। जोड़ बदलने पर भी वह 15 साल तक चलता है और काफी खर्चीला भी है। हालांकि ऐसे लोगों के िलए अब खास तरह का बेल्ट का िनर्माण हुआ है। इसके इस्तेमाल से मरीज को काफी राहत िमलती है। गर्दन दर्द के िलए भी कई तरह के उपकरण िनिर्मत किए गए हैं। इस मौके पर डा.आरआर प्रसाद, डा.एसएन िसन्हा, डा. शंकर प्रकाश, डा. अिनल कुमार व डा.राजीव कुमार आिद भी मौजूद थे।ं

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  • Web Title: मायो इलेक्ट्रिकहैंड साबित हो रहा है वरदान