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मुंह के कैंसर की गिरफ्त में आ रहे हैं सूबे

अजय कुमार सिंहपटना। सूबे में युवाओं में भी कैंसर के लक्षण दिखने लगे हैं। यदि युवा तंबाकू सेवन बंद नहीं करेंगे तो आने वाले कुछ वषरें में यह महामारी का रुप ले लेगा और अस्पतालों के ओपीडी में स्कूल और कालेज के छात्रों की कतार लगी रहेगी। विश्व में सबसे अधिक मुंह के कैंसर से पीडिम्त भारत वर्ष में हैं और भारत वर्ष में सबसे अधिक लोग बिहार और पूवरेत्तर में हैं। विशेषज्ञों की राय में बिहार में सिगरेट, बीड़ी का सेवन कम होता है लेकिन सबसे अधिक लोग खैनी खाते हैं और अब दूसरे तंबाकू उत्पादों का सेवन करने लगे हैं। बिहार और झारखंड में कैंसर पीडिम्त मरीजों की संख्या करीब ढाई लाख है और बिहार में हर साल 60 से 65 हजार नए मरीज शामिल हो रहे हैं। काफी छोटी उम्र में स्कूली छात्र भी खैनी खाना यहां शुरु कर देते हैं। हालांकि कैंसर को विकसित होने में 15 से 20 साल का समय लग जाता है लेकिन उसके लक्षण पहले दिखने लगते हैं। इसमें तंबाकू सेवन करने वाला स्थान सफेद हो जाता है। इसके बाद फाइब्रोसीस, लिकोपेलिकिया,अल्सर और अंत में कैंसर होता है। शहर के एक कैंसर अस्पताल में डेढ़ लाख कैंसर के मरीज आए। इसमें मुंह के कैंसर से पीडिम्त मरीजों की संख्या 42 फीसदी रही। नेशनल कैंसर कंट्रोल प्रोग्राम के मुताबिक देश में कैंसर के मरीजों की संख्या 30 लाख है और हर साल दस लाख नए मरीज पैदा हो रहे हैं। दूसरे नंबर पर ब्रेस्ट कैंसर और तीसरे नंबर पर बच्चोंदानी का कैंसर है। शहरी महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और ग्रामीण महिलाओं में बच्चोंदानी का कैंसर बढ़ रहा है। कैंसर एक नजर में--देश में कैंसर मरीजों की संख्या करीब 30 लाखहर साल तंबाकू से जुड़े कैंसर के करीब तीन लाख नए मामलेहर साल कैंसर के दस लाख नए मरीजदस तरह के कैंसरों में चार मुंह के कैंसर ‘मुंह का कैंसर महामारी का रुप ले रहा है। बिहार के लोग सबसे अधिक खैनी का सेवन कम उम्र में शुरू कर देते हैं। बिहार और झारखंड में कैंसर मरीजों की संख्या करीब ढाई लाख है और हर साल 60 से 65 हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। संस्थान में डेढ़ लाख कैंसर मरीजों में 42 फीसदी मुंह के कैंसर से पीडिम्त थे। युवा यदि इसके प्रति सचेत नहीं हुए तो आने वाले वषों में अस्पताल के ओपीडी में स्कूल और कालेज के छात्रों की कतार लगी रहेगी’।डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह निदेशक, महावीर कैंसर संस्थान‘सूबे में कैंसर मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ाेतरी हो रही है। इसमें अधिकांश लोग फेफड़े और मुंह के कैंसर से पीडिम्त हैं। सुगंधित तंबाकू उत्पादों और जंक फूड के सेवन से युवाओं को परहेज करना चाहिए। स्वस्थ जीवन शैली अपनाए और देसी खाना खाएं’।डॉ. अरुण कुमारनिदेशक, आईजीआईएमएसं

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