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शिक्षा के अधिकार का बोझ उठाये केन्द्र

राज्यों की हिस्सेदारी तय करना गलत : नीतीशपटना (हि.ब्यू.)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा के अधिकार को वाजपेयी सरकार की देन बताकर कहा कि केन्द्र को इस पर होने वाला पूरा खर्च वहन करना चाहिए। सोमवार को जनता दरबार के बाद श्री कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि केन्द्र सरकार शिक्षा के अधिकार को कानूनी रूप दे रही है। इसका स्वागत होना चाहिए लेकिन यह एनडीए की तत्कालीन सरकार की देन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र ने शिक्षा का अधिकार लागू करने में होने वाले खर्च का 45 प्रतिशत भार राज्यों पर डाल दिया है। राज्यों के पास इतना धन नहीं है कि वह खर्च वहन कर सकें। धन का स्रेत केन्द्र के पास है और वह फाटक लगाकर राज्यों तक पैसा पहुंचने से रोक रहा है। शिक्षा के अधिकार पर पूरा धन केन्द्र को खर्च करना चाहिए। राज्य सरकार इसके लिए अपनी तरफ से हरसंभव सहायता देगी। बिहार में पहले से भी स्कूल जाने वाली बच्चाियों को पोशाक, किताबें और साइकिल दी गयी हैं। इसी का नतीजा है कि चार साल के भीतर स्कूल से बाहर रहे बच्चों की संख्या 33 लाख से घटकर सात लाख पर पहुंच गयी है। इस वर्ष से छात्रों को भी साइकिल दी जायेगी।

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