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िविव के िशक्षक 8 से व कर्मचारी 15 से करेंगे

भागलपुर, कार्यालय संवाददातातिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में स्नातक पार्ट वन की परीक्षा 15 अप्रैल से शुरू होनी है। इसके बाद 3 मई से पार्ट टू और और 15 मई से पार्ट थ्री की परीक्षा शुरू होगी। इन परीक्षाओं में 50 हजार से ज्यादा छात्र शामिल होंगे, पर शिक्षक 8 अप्रैल से ही हडम्ताल पर जाने की तैयारी में जुट गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को इस बात की चिंता सताने लगी है कि शिक्षक हडम्ताल पर चले जाएंगे तो परीक्षाएं कैसे संचालित होंगी। इतना ही नहीं, विश्वविद्यालय शिक्षकेतर कर्मचारी भी 15 अप्रैल से बेमियादी हडम्ताल पर चले जाएंगे। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने उच्चाधिकारियों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। यूजीसी पैकेज की मांग को लेकर 8 अप्रैल से विश्वविद्यालय के शिक्षक हडम्ताल पर जाने की तैयारी में जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर, सूबे के शिक्षकेतर कर्मचरी भी 11 सूत्री मांगों के लिए 15 अप्रैल से बेमियादी हडम्ताल शुरू करेंगे। संगठन के प्रक्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल ने बताया कि हडम्ताल की सफलता के लिए 9 अप्रैल को टीएनबी कॉलेज परिसर में आयोजित सभा में बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष सुशील चौधरी और संयुक्त मंत्री रवीन्द्रनाथ सिंह शिरकत करेंगे। यहां दोनों पदाधिकारी कर्मचारियों को संबोधित करेंगे। इसमें संघ की सभी इकाई के अध्यक्ष, सचिव एवं पार्षद भाग लेंगे। 1.1. 2006 से कॉलेज एवं विश्वविद्यालय कर्मियों को राज्यकर्मियों की तरह सुविधा मुहैया कराने, 1.1.1996 की वेतन विसंगति दूर कर अंतरवेतन की राशि का भुगतान करने, नवअंगीभूत कॉलेजों एवं स्टापिंग पैटर्न पर नियुक्त कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को लागू करने, विश्वविद्यालय की विभिन्न समितियों में कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व होने, बजट में सेवानिवृत्ति लाभ के एकमुश्त भुगतान का प्रावधान करने, सेवानिवृत्ति की आयु 62 से 65 वर्ष करने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय शिक्षकेतर कर्मचारी बेमियादी हडम्ताल करेंगे। इधर, बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा शिक्षक संघ (भुस्टा) और बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (भुटा) के पदाधिकारी भी 8 अप्रैल से बेमियादी हडम्ताल की तैयारी में जुट गए हैं। विभिन्न कॉलेजों और स्नातकोत्तर विभागों के शिक्षकों से संपर्क किया जा रहा है। भुस्टा के महासचिव डा. शंभु प्रसाद सिंह ने बताया कि अगर 6 अप्रैल तक राज्य सरकार इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं करेगी तो अनिश्चितकालीन हडम्ताल पर जाना तय है। पिछले चार वर्षो में एकबार भी सरकार ने विश्वविद्यालय शिक्षकों की समस्याओं को दूर करने के लिए कोई पहल नहीं की।इधर विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. राजीव रंजन पोद्दार ने कहा कि ‘विश्वविद्यालय शिक्षकों के हडम्ताल पर जाने के बाद ही इस मुद्दे पर कोई विचार किया जा सकता है कि स्नातक की परीक्षा कैसे संचालित की जाए। इस मुद्दे पर अभी कुछ भी तय नहीं किया गया है। ’ं

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