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चुनावी वर्ष में अभाविप की नाराजगी से भाजपा सकते में -आरएसएस

पटना(हि.ब्यू.)। चुनावी वर्ष में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नाराजगी से भाजपा सकते में है। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस बिहार में छात्र-युवाओं को संगठन से जोड़ रही है। वहीं, भाजपा से जुड़ा छात्र संगठन नाराज है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की शाखा खोलने का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की घटना से अभाविप में उबाल है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पूरे मामले पर नजर है। वैसे अभाविप नेताओं का कहना है कि शिक्षा और छात्र हित में संगठन वर्षो से कुछ मुद्दे उठाता रहा है, जिसपर आज तक सरकार ने ध्यान नहीं दिया है। आरएसएस, भाजपा एवं अभाविप सहित अन्य सहयोगी संगठनों की होने वाली समन्वय बैठकों में विद्यार्थी परिषद की ओर से कुछ मुद्दे उठाये जाते रहे हैं। परिषद की शिकायत रही है कि संगठन की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हाल की लाठीचार्ज की घटना ने परेशानी बढ़ा दी है। अभाविप के प्रदेश संगठन मंत्री गोपाल शर्मा कहते हैं कि हर हाल में एएमयू का विरोध होगा। भाजपा के प्रति उनकी तल्खी भी साफ झलकती है। उन्होंने कहा कि कैंपस को सुधारने के लिए परिषद वर्षो से कई मांग करता रहा है। लेकिन आज तक किसी सरकार ने ध्यान नहीं दिया। कई विश्वविद्यालयों में कुलपति का पद रिक्त पड़ा है। शिक्षकों की कमी है। परिषद वर्षो से छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य करने की मांग करता रहा है, जिस पर किसी का ध्यान नहीं है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के कुछ राष्ट्रीय नेताओं ने भी अभाविप कार्यकर्ताओं पर हुई लाठीचार्ज मामले पर आरएसएस से बात की।ं

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