DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिजली संकट से निबटने को महंगी बिजली की खरीद पटना छोड़

कार्यालय संवाददातापटनासूबे में बिजली संकट की स्थिति गंभीर है। पटना छोड़ पूरे सूबे में बिजली के लिए हाय-तौबा मची हुई है। इस बिजली संकट से निबटने के लिए बिजली बोर्ड ने महंगे दर पर बिजली खरीदनी शुरू कर दी है। हालांकि यह भी तभी संभव हो पाता है जब फ्रीक्वेंसी ठीक रहती है। सूबे का सेंट्रल सेक्टर से 96 मेगावाट का कोटा बढ़ने के बावजूद फरक्का की एक यूनिट के महीनेभर के लिए मेंटेंनेंस में चले जाने के कारण स्थित खराब हुई है। दिन में तो महज 850 मेगावाट बिजली ही मिलती है। शाम से हाइडल के आ जाने से सौ मेगावाट की वृद्धि होती तो कुछ राहत रहती पर शाम के बाद पीकऑवर रहने से डिमांड भी बढ़ जाती है। शनिवार को सेंट्रल सेक्टर से दिन में 850 व शाम के बाद 950 मेगावाट बिजली मिली। बरौनी भी ठप है। इसमें 413 तो राजधानी के खाते में ही चली गयी। दो से ढाई सौ रेलवे व अन्य अनिवार्य सेवा के हिस्से। बाकी बची बिजली से पूरे राज्य को रौशन करने की कवायद हो रही है। बिजली बोर्ड के प्रवक्ता हरेराम पांडेय के मुताबिक सेंट्रल सेक्टर के सभी प्लांट फिलहाल सौ फीसदी उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। सभी प्लांटों में अभी 60 से 65 फीसदी ही उत्पादन हो पा रहा है। उनके मुतिाबिक यूआई चार्ज के तहत पचास से सौ मेगावाट बिजली खरीदी जा रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बिजली संकट से निबटने को महंगी बिजली की खरीद पटना छोड़