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भविष्य के ऐसे रथ, जो बचाएंगे जीवन-वृक्ष

क्या हैं वैकल्पिक ईंधन वाहन?
ऐसे वाहन जो परंपरागत ईंधन जैसे पैट्रोल या डीजल के बजाए अन्य ईंधन स्रोतों पर दौड़ते हैं। वैसे इनमें उन वाहनों को भी शामिल किया जाता है जो पूरी तरह से परंपरागत ईंधन पर न निर्भर हो।

पर्यावरण संरक्षण की चिंता ने विकल्पों की तलाश को खासी गति प्रदान की है। इसी चिंता का परिणाम हैं वैकल्पिक ईंधन वाहन। ये वाहन न केवल परंपरागत ईंधन के स्त्रोतों जैसे पैट्रोल या डीजल पर हमारी निर्भरता कम करने की कोशिश का अहम हिस्सा बन रहे हैं बल्कि प्रदूषण नियंत्रण की मुहिम में अगुवाई भी कर रहे हैं।
एनर्जी इफिशंट ऑटोमोबाइल्स के विकास में सबसे बड़ी चुनौती है इनकी शक्ति के स्रोत यानी इंजन के संचालन को पर्यावरण के अनुकूल बनाना। वैकल्पिक ईंधन वाहनों का निर्माण भी मुख्यत: इसी चुनौती के जवाब में किया जाता है। आज तक जो भी ऐसे वाहन बनाए या बेचे गए हैं जैसे कि हाईड्रोजन कार, कंप्रेस्ड एयर कार आदि उनमें में डिजाइन से ज्यादा इंजन की संरचना पर काम किया गया है। मौटे तौर पर अभी तक इंजन की बैटरी पर प्रयोग या शोध ज्यादा हुए हैं।

वैकल्पिक ईंधन वाले वाहन, जिन पर चल रहा है काम

अमोनिया फ्यूल वेहिकल्स
अमोनिया ग्रीन एनएच3 का ग्रीन वेहिकल बनाने के लिए प्रयोग सफलतापूर्वक कनाडा के ऑटोमोबाइल वैज्ञानिक कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे संचालित वाहनों को स्पार्क इगनिशन से या फिर डीजल इंजन में मामूली फेरबदल कर प्रयोग में लाया जा सकता है। यह परंपरागत ईंधनों का एकमात्र ऐसा विकल्प है जिसका प्रयोग पावर जेट इंजनों में भी किया जा रहा है।

बैट्री इलैक्ट्रिक वाहन (बीईवी)
इनको ऑल इलैक्ट्रिक वेहिकल्स के नाम से भी जाना जाता है। मोटे तौर पर उन वाहनों को बीईवी का तमगा दिया जाता है जिनकी बैट्री रासायनिक ऊर्जा से संचालित होती है। अमेरिका की प्रमुख प्रदूषण नियंत्रण एजेंसी कैलिफॉर्निया एयर रिसोर्स बोर्ड (सीएआरबी) इन वाहनों को शून्य उत्सर्जक (जीरो इमिशन) यात्री वाहन घोषित कर चुकी है। इनके विकास के कुछ प्रयोगों में जेनेरेटर इंटीग्रेटिड आईसी का इस्तेमाल किया गया है तो कुछ में कसेट को रीमूव कर ऑफ बोर्ड चार्ज करने की प्रक्रिया को अपनाया गया। हालांकि ये प्रयोग अभी तक मॉस लेवल पर एप्लाई नहीं किए गए हैं पर इनके कुछ सकारात्मक असर भविष्य के लिए उम्मीद जरूर बंधाते हैं। निस्सान ने 2009 में निस्सान लीफ (लीडिंग एनवायरमेंट फ्रेंडली एफोडर्एबल फैमिली कार) नाम से एक इलैक्ट्रिक कार को अगस्त 2010 में लांच करने घोषणा कर इस ओर एक अहम कदम बढ़ाया है। माना जा रहा है कि इस कार की 80 प्रतिशत बैटरी एक खास चार्जर द्वारा लगभग 30 मिनट में चार्ज हो जाएगी। इसकी औसत गति 140 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

बायो फ्यूल वाहन
अमेरिका में आज बायो फ्यूल संचालित वाहन खासे चर्चित हो रहे हैं। वहां बहुत से किसान जो कि ऑयल-सीड्स की खेती करते हैं, अब बायो-डीजल से संचालित ट्रैक्टरों का इस्तेमाल करते हैं। बायो फ्यूल में ऑक्सीजन की मात्र चूंकि डीजल या पैट्रोल से अधिक होती इसीलिए इससे प्रदूषित तत्वों का उत्सर्जन कम होता है। अमेरिका में बायो फ्यूल वाहनों में लोगों की रुचि इस कदर बढ़ चुकी है कि न्यूयॉर्क में प्रति वर्ष ग्रीसस्टाक नामक मेला लगाया जाता है। इसमें बायो फ्यूल वाहनों को प्रदर्शित किया जाता है।

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