DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मुख्यमंत्री अक्षर आंचल योजना का होगा मूल्यांकन सरकार जांचेगी कि 40

पटना (हि.ब्यू.)। प्रदेश की 40 लाख महिलाओं को साक्षर बनाने के लिए चल रही मुख्यमंत्री अक्षर आंचल योजना का राज्य सरकार मूल्यांकन कराएगी। बिहार के 2 लाख केन्द्रों पर इतने ही अक्षरदूत 8 सितंबर 2009 से असाक्षर महिलाओं को अक्षर ज्ञान के साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी देने में जुटे हैं। करीब 58 करोड़ लागत की इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी। 8 मार्च तक राज्य की 40 लाख महिलाओं को इस समयबद्ध योजना में साक्षर बनाना था। मानव संसाधन विकास विभाग ने हालांकि योजना को सितम्बर 2010 तक विस्तारित कर दिया है। एचआरडी का खुद मानना है कि 75 फीसदी यानी कि करीब 30 लाख महिलाओं को साक्षर बनाने में सरकार कामयाब हुई है। 10 लाख महिलाओं के लिए नए सिरे से काम करने की जरूरत है। योजना का फीडबैक लेने के लिए सरकार इसका मूल्यांकन कराने जा रही है ताकि उसके आधार पर अगले छह माह में अक्षर आंचल को और सफलतापूर्वक चलाया जा सके। जनशिक्षा के सहायक निदेशक और योजना में सूत्रधार की भूमिका निभा रहे संजय कुमार ने बताया कि सैम्पुल इवेल्यूशन कराया जाएगा। इसके लिए कटिहार, सीवान, गया और सीतामढ़ी का चयन किया गया है। हर जिले के लिए एक-एक एजेंसी से सरकार का करार हुआ है। दीपायतन को कटिहार, पलाश को गया, सीड्स को सीवान और वीजीवीएस को सीतामढ़ी के मूल्यांकन का जिम्मा दिया गया है। इन एजेंसियों को दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देनी है ताकि अक्षर आंचल योजना की हकीकत सामने आ सके। संजय कुमार ने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए चारों जिलों के हर ब्लॉक से मिलाकर कुल 5000 महिलाएं मूल्यांकन के लिए चुनी जाएंगी। इसके लिए एक प्रश्नावली भी तैयार की जा रही है। आद्री में एक कार्यशाला भी हो चुकी है। मूल्यांकन पद्धति को इतना पुख्ता बनाया जा रहा है कि कोई भी गलत जानकारी नहीं आएगी। योजना की हकीकत सामने आएगी। मूल्यांकन में टूल्स के तौर पर नवसाक्षर और प्रोग्राम का उपयोग होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मुख्यमंत्री अक्षर आंचल योजना का होगा मूल्यांकन सरकार जांचेगी कि 40