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जनगणना: बिहार में लगेंगे दो लाख कर्मी -पहली मई से प्रक्रिया

पटना(हि.ब्यू.)। देश में पहली अप्रैल से जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई, लेकिन बिहार में पहली मई से इसके शुरू होने की संभावना है। बिहार में इस काम में तकरीबन दो लाख कर्मी लगेंगे। सबसे पहले गृह अनुसूची बनेगी। इसके बाद नेशनल पोपुलेशन रजिस्टर(एनपीआर) के लिए आंकड़ें जुटाए जाएंगे। जनगणना कार्य में लाखों कलम और पेंसिल सहित बड़ी मात्रा में अन्य स्टेशनरी आइटम की जरूरत होगी। इसके लिए पिछले दिनों जनगणना निदेशालय ने टेंडर किया था। पिछली जनगणना में संयुक्त बिहार-झारखंड में लगभग दो लाख कर्मी लगे थे। शिक्षक एवं पर्यवेक्षक की इतनी संख्या इस बार सिर्फ बिहार में लगेगी। इस बार जनगणना में उम्र जैसे कॉलम पर विशेष जोर देना है तो एनपीआर के लिए पहली बार जानकारी जुटानी है। इस बार इस काम में सरकार एनजीओ का भी सहयोग ले रही है। देशभर में 750 मास्टर ट्रेनर फेसिलिटेटर हैं। बिहार में चार नेशनल ट्रेनर और 56 एमटीएफ हैं। लगभग 4400 मास्टर ट्रेनर हैं। शिक्षक और कुछ दूसरे कर्मचारियों से इस काम में सहयोग लिया जाएगा। इन दिनों सभी की ट्रेनिंग चल रही है। काम को गति देने के लिए ही देश के महापंजीयक 7 अप्रैल को पटना आ रहे हैं। उम्मीद है पहली मई से प्रदेश में गृह अनुसूची का काम शुरू हो जाए। हालांकि तिथि की आधिकारिक घोषणा महा पंजीयक की राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद ही हो पाएगी। दोनों चरणों के लिए 7 लाख से ज्यादा बॉल पेन, पेंसिल और इरेजर का इंतजाम किया गया है। इसके साथ ही टेंडर करके कई अन्य स्टेशनरी आइटम भी जुटाये गए हैं।

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