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बीमारी है नशे की आदत

संवाद सूत्रपटना। नशा विमुक्ति केन्द्र दिशा की ओर से आईएमए हॉल में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को युथ मोबाइलजेशन फॉर नेशनल एडवान्समेंट के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का संचालन करते हुए अंशु ने प्रारंभ में दिशा की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। सेमिनार में दिशा के महासचिव कुमार दीपक ने कहा कि वर्ल्ड हैल्थ आर्गनाईजेशन ने नशे को एक बीमारी के रुप में घोषित कर दिया है। लेकिन नशा करने वाले लोग इस बात को स्वीकार नहीं करते कि उन्हें कोई बीमारी है। इस संस्था के द्वारा हर साल 15 सौ लोगों का इलाज किया जाता है। इसमें दवा के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तरीका भी अपनाया जाता है। इस संस्था के द्वारा नशे के आदी हो चुके व्यक्ति का तो इलाज होता हीं है साथ हीं उससे संबंधित परिजनों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में भी सहायता की जाती है। बिहार में नशे की बढ़ती लत के बारे में जानकारी देते हुए उन्होनें कहा कि नेपाल, बंगाल से सटे होने के कारण यहां यह लत ज्यादा पाई जाती है। उनकी संस्था नशा मुक्ति के बाद उस व्यक्ति का पुर्नवास करने के साथ महिलाओं को आर्थिक रुप से सुदृढृम् करने के लिए स्वरोजगार की ट्रेनिंग देती है और एड्स पर जन जागरुकता लाने के लिए नुक्कड़ नाटक आदि का आयोजन करती है। महासचिव कुमार दीपक ने इस तरह की और संस्थाओं की जरुरत बताते हुए महिलाओं को सशक्त करने पर बल दिया। अंशु और किरीत भारतीय द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में श्वेता श्रीवास्तव और सुनील कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर नशे का शिकार रहे लोगों के परिजन भी उपस्थित थे।

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