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मधुमेह की दुष्प्रभाव रहित दवा बनाई

नई दिल्ली। मेयर्स स्क्विब इंडिया और एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया लि. ने मिलकर मधुमेह टाइप-2 के इलाज के लिए नई दवाओं के विकास और कारोबार का समझौता किया है। दोनों कंपनियों ने इलाज के लिए दो नए रासायनिक यौगिकों की खोज की है। ब्रिस्टल मेयर्स स्क्वीब इंडिया के प्रबंध निदेशक आलोक सोनिग ने गुरुवार को बताया कि ब्रिस्टल मेयर्स स्क्वीब काफी सालों से हदय रोगों और मधुमेह को रोकने के लिए लगा हुआ है। हम मधुमेह के नियंत्रण के लिए अभिनव विज्ञान के विकास में लगे हुए हैं। ये दो योगिक हमारी अनुसंधान प्रयोगशालाओं में खोजे गए हैं। इनमें से एक सैक्साग्लिपटीन को बृहस्पतिवार को बाजार में उतारा गया है और जिस दूसरे योगिक की खोज की गई उसका नाम डिपागिलफ्लोजिन है। यह दवा भी कुछ समय के बाद बाजार में उपलब्ध होगी। कंपनी के चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. विनोद मट्टू ने कहा कि सैक्साग्लिपटीन के सेवन से मधुमेह रोगियों में हाइपोग्लेसिमिया का खतरा शून्य रहता है। दूसरे, इससे वजन में इजाफा भी नहीं होता है। लेकिन यह दवा 35 रुपए प्रति टेबलेट है जो अन्य दवाओं की तुलना में महँगी है। ब्यूरो

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