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डीएसपी सतपाल के हत्यारे को मौत की सजा

सहरसा, विधि संवादातासहरसा(पटना)। डीएसपी सतपाल सिंह हत्याकांड के ऐतिहासिक फैसले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के एडीजे रामप्रताप अस्थाना की अदालत ने गुरुवार को मुख्य आरोपित मो. जाहिद उर्फ कमांडो को फांसी की सजा सुनाई। इसी मामले के 23 आरोपितों को कोर्ट ने साक्ष्याभाव में 31 मार्च को रिहा कर दिया था। रोहतास निवासी डीएसपी सतपाल सिंह डय़ूटी के दौरान 8 दिसम्बर,1998 को अपराधियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। डीएसपी सतपाल सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि कई कांडों का फरारी जाहिद उर्फ कमांडो अपने साथियों के साथ नोनहा चमराही स्थित जफर बासा के मकान में छुपा हुआ है। इसी सूचना पर डीएसपी रेडिंग पार्टी के साथ अपराधियों के ठिकाने पर पहुंचे जहां दोनों तरफ से अंधाधुंध गोलियां चलीं और कमांडो की गोली से डीएसपी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष से श्याम कुमार दास और उनके सहयोगी अमरनाथ झा राजू ने कार्य किया। वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता जाहिद हुसैन ने कार्य किया। इस घटना की प्राथमिकी सलखुआ थाना कांड सं. 91/08 के तहत तत्कालीन बनमा-इटहरी ओपी प्रभारी शैलेश मिश्र ने दर्ज कराई थी। सजा सुनाए जाने के बाद कमांडो को पुलिस की कड़ी सुरक्षा में मंडल कारा वापस भेज दिया गया।

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