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मेट्रो शहरों की तेज रफ्तार लाइफ स्टाइल के बीच नक्सली

अतुल उपाध्यायपटना(हि.ब्यू.)। मेट्रो शहर की चकाचौंध और तेज रफ्तार लाइफ स्टाइल के बीच हार्डकोर नक्सली भी डेरा डालने लगे हैं। दिल्ली और कोलकाता जैसे शहर अब उनकी पसंद बन रहे हैं। हाल ही में दिल्ली से बिहार के हार्डकोर नक्सली अघोर सिंह की गिरफ्तारी से इस बात के संकेत मिले हैं कि पुलिस की नजर में वांटेड हार्डकोर नक्सली बड़े शहरों में अपना ठिकाना बना रहे हैं। इसके पीछे की एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि नक्सल प्रभावित राज्यों में लगातार पुलिस ऑपरेशन और हाल के दिनों में शुरू ऑपरेशन ग्रीन हंट ने नक्सली नेताओं की बेचैनी बढ़म दी है। वे अपने गढ़ में खुद को महफूज नहीं मान रहे। लिहाजा मेट्रो शहर अब उनकी पसंद बन रहे हैं। पहले भी यह बात सामने आती रही है कि बड़े नक्सली नेताओं ने मेट्रो शहरों में अपना ठिकाना बना रखा है। कुछ महीने पहले भाकपा(माओवादी) के पोलित ब्यूरो व सेंट्रल कमेटी के सदस्य कोबाड गांधी को दिल्ली में ही गिरफ्तार किया गया। कहा गया कि वह बीते तीन वर्षो से दिल्ली में रह रहा था। धनबाद में गिरफ्तार भाकपा(माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रमोद मिश्र के बारे में कहा जाता रहा है कि पटना, गया के अलावा कोलकाता, रांची और दिल्ली में भी उनके आशियाने हैं। हाल ही में भाकपा(माओवादी) के सेकेंड मैन कहे जाने वाले किशनजी के राइट हैंड वेंकटेश्वर राव रेड्डी उर्फ तेलगु दीपक को कोलकाता में गिरफ्तार किया गया। राज्य पुलिस के उच्चपदस्थ सूत्रों की मानें तो कई बड़े नक्सली नेताओं ने देश के बड़े-बड़े शहरों में अपना शानदार ठिकाना बना रखा है और उनकी लाइफ स्टाइल भी हाई-फाई है। महंगे फ्लैट, लैपटॉप, महंगे मोबाइल, पेन ड्राइव और गाड़ी तो उनके लिए आम बात है।ं

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