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20 नबम्बर, 2019|12:28|IST

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बिहार में कवचधारियों की कमी नहीं

पटना(हि.ब्यू.)। बिहार में करीब दो दर्जन वीवीआईपी हैं जिन्हें ‘वाई’ से लेकर ‘जेड प्लस’ श्रेणी का सुरक्षा कवच प्राप्त है। बिहार में फिलहाल गवर्नर देबानंद कुंवर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा प्राप्त है। इनकी सुरक्षा में बुलेट प्रूफ कार, पॉयलट गाडिम्यां और ट्रेंड जवानों की टीम होती है। चौबीस घंटे उनके साथ दो आर्म्ड गार्ड की मौजूदगी जरूरी है। इसके अतिरिक्त हाउस गार्ड भी होते हैं। जेड प्लस की सुरक्षा उन वीवीआईपी को ही दी जाती है जिनपर सर्वोच्च खतरा होने की सूचना होती है। जानकारों की मानें तो उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और विधानसभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी वाई श्रेणी की सुरक्षा पाने वालों की सूची में शामिल हैं। नक्सल क्षेत्र से आने वाले बिहार सरकार के कई मंत्रियों को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। बिहार के कई सांसद भी वाई श्रेणी में रखे गए हैं। पर, कुछ के बारे में यह भी कहा जाता है कि उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा सिर्फ इसलिए दी गयी है कि वे उस स्तर के स्टेटस में हैं। बिहार विधान सभा और विधान परिषद के सदस्यों को दो-दो बॉडी गार्ड की सुविधा है। पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जिला सुरक्षा समिति, राज्य सुरक्षा समिति और केन्द्रीय सुरक्षा समिति यह तय करती है कि किस व्यक्ति पर किस तरह का और कितना खतरा है। वैसे बिहार में आतंकियों से अधिक नक्सली खतरे को आधार मानकर ही सुरक्षा दी जाती है।

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