चापाकलों की मरम्मत भी करायेंगे एमएलए विधायकों की सिफारिश पर लगे - चापाकलों की मरम्मत भी करायेंगे एमएलए विधायकों की सिफारिश पर लगे DA Image
11 दिसंबर, 2019|8:57|IST

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चापाकलों की मरम्मत भी करायेंगे एमएलए विधायकों की सिफारिश पर लगे

पटना (हि.ब्यू.)। विधायक अब खराब चापाकलों की मरम्मत भी कराएंगे। बुधवार को विपक्ष के हंगामे और वाकआउट के बीच सरकार ने विधायकों की सिफारिश पर 49 हजार चापाकलों की मरम्मत की घोषणा की। बजट पर बहस के दौरान पीएचईडी मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने विधायकों से खराब चापाकलों का ब्योरा मांगा। इसके लिए 22 करोड़ रुपये दिये गये हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधायकों की सिफारिश पर चापाकल लगाने की योजना की समीक्षा और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। राजद मंत्री की बर्खास्तगी पर अड़ गया। प्रदीप कुमार जोशी के कटौती प्रस्ताव का जवाब देते हुए श्री चौबे ने जैसे ही पानी के महत्व पर गीता में भगवान श्रीकृष्ण का एक श्लोक पढ़ा, राजद खेमा ‘शर्म करो’ नारा लगाने लगा। आखिरकार विधानसभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने राजद के डॉ. रामचन्द्र पूर्वे को बोलने की इजाजत दी तो उन्होंने कहा कि चुनावी वर्ष है, जनता अपमानित कर रही है। विधायकों की अनुशंसा पर 10 प्रतिशत भी चापाकल नहीं लगे। मंत्री ने जवाब दिया कि विधायकों ने 2006-07 में 16942 और 2007-08 में 10296 चापाकल लगाने की सिफारिश की जिसमें फरवरी तक 16142 चापाकल लगा दिये गये हैं। गत वर्ष 1.56 लाख चापाकलों की मरम्मत करायी जबकि 35276 नये चापाकल लगाये गये। प्राथमिक-मध्य विद्यालयों में 13702 चापाकल लगाये गये। इसी प्रकार बीपीएल परिवारों के लिए 15.76 लाख और एपीएल परिवारों के लिए 5.07 लाख नये शौचालय बनवाये गये हैं। स्कूलों में 40995, आंगनबाड़ी केन्द्रों में 1129 और महिलाओं के लिए 587 सामुदायिक शौचालय बनवाये गये हैं। राजद, लोजपा, माले, बसपा और सीपीआई के सदस्य आंकड़ाें की सच्चाई को स्वीकार करने की बजाय सदन से वाकआउट कर गये। सत्ता पक्ष के सदस्य भी मंत्री के बचाव के लिए नहीं उठे। विधानसभाध्यक्ष ने भी श्री चौबे को भाषण खत्म करने की हिदायत दी। वे बात पूरी किए बैठ गए।

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  • Web Title: चापाकलों की मरम्मत भी करायेंगे एमएलए विधायकों की सिफारिश पर लगे