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15 नबम्बर, 2019|12:53|IST

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अभी भी बहुत दमखम है बूढ़ी हड्डियों में नॉटआउट 839, बिजली

िवनय कुमार झापटना।अभी भी बहुत दमखम बाकी है इन बूढ़ी हिड्डयों में। तभी तो इन पर कड़़ाके की ठंड, मूसलाधार बािरश व तेज धूप का भी कोई असर नहीं होता है। सत्यनारायण चौधरी की उम्र 82 साल हो चुकी है पर िहम्मत नहीं हारी है उन्होंने। कभी दरभंगा िस्थत िबजली बोर्ड के दफ्तर में लाइन ऑपरेटर थे। तब िबजली की आपूिर्त नार्मल बनाए रखने के िलए जान लड़ा देते थे तो आज पेंशन के सवाल पर आवाज बुलंद कर रहे हैं। अकेले नहीं हैं सत्यनारायण जी । उनके साथ िरटायर्ड लाइन इंस्पेक्टर जयप्रकाश लाल दास, सिच्चदानन्द िमश्र माधव,प्रकाश िसंह, बरौनी थर्मल के िरटायर्ड सहायक िनयंत्रक उमेशचंद्र िसंह , िरटायर्ड सुरक्षा रक्षक रामायण िसंह, बालेश्वर रजक, रामधारी प्रसाद, परमेश्वर मोची, राजेश्वर प्र. िसन्हा व सुभाषचंद्र झा भी डटे हैं। ये सभी िबजली बोर्ड के मुख्य गेट के पास िपछले सवा दो साल से (839 िदनों े) नाबाद बल्लेबाजी कर रहे हैं। यानी अपनी मांगे मनवाने के िलए अनवरत धरना दे रहे हैं। इनकी मुख्य मांग है कि िबजली बोर्ड का िवखंडन न हो। इनके मुिखया बोर्ड में एकाउंटेंट का पद संभाल चुके चक्रधर प्रसाद िसंह कहते हैं कि हमारे धरना की वजह से ही बोर्ड का िवखंडन रुका हुआ है। अगर आज धरना खत्म कर दें तो बोर्ड आठ टुकड़ों में बंट जाएगा। सरकार ने तो काफी पहले ही बोर्ड को आठ कंपिनयों में बांटने का फैसला ले िलया था। लेकिन अगर बोर्ड कंपिनयों में बंट जाएगा तो बीस हजार पेंशनधािरयों को पेंशन का भुगतान कौन करेगा, यह अहम सवाल है। अगर सरकार हमारे पेंशन कीजिंम्मेदारी ले ले तो ठीक है। पॉवर कारपोरेशन ने पेंशनरों का मामला िनबटाने के िलए सरकार को 16 00 करोड़ रुपए की व्यवस्था करने को कहा था पर अब तक यह इंतजाम नहीं हो सका है। पेंशनरों ने िबहार स्टेट इलेिक्ट्रिसटी बोर्ड पेंशनर फोरम के बैनर तले 25 अक्टूबर 2007 को ही यहां अपना तंबू लगा िदया था। यहां आठ चौकियां लगी हैं। मिंदरी में धरनािर्थयों के िलए लंगर चलता है। चंदे कर भोजन का इंतजाम होता है। रोजाना 25 से 50 लोग धरना पर बैठते हैं। अब तक पांच हजार से अिधक लोग धरना पर बैठ चुके हैं। राज्य के िविभन्न सर्किलों के िरटायर्ड कर्मी बारी-बारी से धरना देते हैं। इस दौरान एक िरटायर्ड फोरमैन धनेश्वर महतो की िपछले साल धरना स्थल के पास बेली रोड पर सडक़ क्रास करने के क्रम में धक्का लगने से मौत भी हो चुकी है।

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