किशोरीशक्ति योजना को बजट का ‘दम’ चाहिए - बाल विकास सेवा - किशोरीशक्ति योजना को बजट का ‘दम’ चाहिए - बाल विकास सेवा DA Image
19 नबम्बर, 2019|10:32|IST

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किशोरीशक्ति योजना को बजट का ‘दम’ चाहिए - बाल विकास सेवा

कार्यालय संवाददाता लखनऊबजट के अभाव में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की किशोरी शक्ति योजना को चलाना अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। प्रदेश में योजना को सुव्यवस्थित रूप से चलाने के लिए सरकार की ओर से विभाग को दिया गया बजट पर्याप्त नहीं है। ऐसे में विभागीय अधिकारी सरकार से और धन की माँग कर रहे हैं। इसकी पुष्टि निदेशालय के अपर निदेशक जेबी सिंह ने भी की।पिछले वर्ष की देनदारी चुकाने और प्रचार-प्रसार में किए गए खर्चे में इस साल सरकार से मिला बजट खपने को है। ऐसे में योजना को प्रदेश के 17 मण्डलों में सुव्यवस्थित रूप से चला पाना विभाग के लिए कठिन बना है। वर्ष 2001 से शुरू हुई भारत सरकार की योजना को चलाने के लिए विभाग ने और धन की माँग शासन से की है। सूत्रों के मुताबिक विभागीय अधिकारियों ने जिलों से योजना के लिए वांछित धन का ब्योरा भी माँगा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक योजना का लाभ किशोरियों को देने के लिए शासन ने जिलास्तर पर इसका प्रचार करने के लिए विज्ञापन और इंटरनेट पर जानकारी देने के आदेश दिए थे। संस्थाओं की पात्रता के लिए भी उसने कुछ शर्ते निर्धारित की थीं। योजना के तहत 11 से 19 वर्ष की किशोरियों को साठ दिवसीय तकनीकी और व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। उनकी सेहत, साफ-सफाई और उनमें आने वाले शारीरिक बदलावों के बारे में भी जानकारी दी जाती है। हर साल पचास हजार किशोरियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा जाता है।शहर में 20 स्थानों पर चल रहा है प्रशिक्षणलखनऊ। जिला कार्यक्रम अधिकारी शीरी मसूद ने बताया कि लखनऊ में 20 स्थानों पर किशोरीशक्ति योजना के लिए किशोरियों को प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है। एक ब्लॉक में दो कार्यक्रम चलाए जाते हैं। जिनमें तीस-तीस बालिकाओं के ग्रुप होते हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आँगनबाड़ी या फिर उसके पास पड़ने वाले बड़े भवन में आयोजित किए गए हैं।ं

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