साफ दिख रही थी घर जाने की जल्दी दूसरे प्रांतों से - साफ दिख रही थी घर जाने की जल्दी दूसरे प्रांतों से DA Image
16 दिसंबर, 2019|3:59|IST

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साफ दिख रही थी घर जाने की जल्दी दूसरे प्रांतों से

कार्यालय संवाददाता लखनऊ तीन दिनों तक शहर के मेहमान रहे बसपा कार्यकर्ताओं में मंगलवार को घर पहुँचने की जल्दबाजी दिखी। यह कार्यकर्ता सुबह उठते ही तैयारियों में लग गए। किसी की ट्रेन सुबह सात बजे थी तो किसी की 11 बजे। पार्टी ने कार्यकर्ताओंे की खातिरदारी में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। सुबह चाय-नाश्ते के बाद जल्दी जाने वाले कार्यकर्ताओं को रास्ते के लिए लंच पैकेट दिया गया। बसपा की महारैली में आए दूसरे प्रान्तों के कार्यकर्ता मंगलवार की सुबह जल्दी में थे। रैली खत्म होने के बाद उन्हें घर की याद सता रही थी। महाराष्ट्र व आंध्र प्रदेश के कार्यकर्ताओं को कई दिन हो गए थे। जिन कार्यकर्ताओं का मंगलवार को रिजर्वेशन था वे सुबह से ही तैयारियों में लगे थे। जिन कार्यकर्ताओं का रिजर्वेशन बुधवार व गुरुवार को था वे आराम से टहल रहे थे। ट्रेनों में रिजर्वेशन को देखते हुए कार्यकर्ताओं को सुबह छह बजे ही चाय-नाश्ता मिलना शुरू हो गया था। उन्हें रास्ते के लिए लंच पैकेट दिया गया। पैकेट बनने में देरी देख नगर निगम अफसरों ने काम में कुछ और कर्मचारियों को लगाया। उखड़ने लगे तम्बू कनात इधर कार्यकर्ताओं की विदाई चल रही थी उधर तम्बू कनात उखड़ रहे थे। स्मृति उपवन में अन्य राज्यों से आने वाले कार्यकर्ताओं के रुकने के लिए बने पण्डाल उखड़ने लगे हैं। मंगलवार की शाम तक गद्दे-गलीचे बटोर लिए गए। त्रिपाल व पर्दे खुल गए। बाँस-बल्लियाँ उखाड़ी जा रही थीं। सामान ट्रकों पर लाद कर भेजे जा रहे थे। फिर भी इसके उखड़ने में अभी कम से कम दो दिन और लगेंगे। पिछले तीन दिनों से स्मृति उपवन में बसी ‘भीम नगरी’ में मंगलवार को दोपहर बाद चहल-पहल काफी कम हो गई। महाराष्ट्र को छोड़कर बाकी पण्डालों में सन्नाटा छा गया। जैसे-जैसे पण्डाल खाली हो रहे थे कर्मचारी इन्हें उखाड़ने में जुट जाते। मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तराखण्ड सहित कई राज्यों के पण्डाल दोपहर में खाली हो गए। कर्मचारियों ने शाम तक इनके पर्दे खोल दिए। कर्मचारियों के मुताबिक पूरा पण्डाल उखड़ने में कम से कम दो दिन और लगेंगे। पण्डालों में पंखे, झूमर व लाइटें भी लगी हैं। इस बार पण्डाल काफी मजबूत बना था ताकि आंधी-पानी का असर न हो।टूटेंगे शौचालय व स्नानघरस्मृति उपवन में बने सभी अस्थायी शौचालय व स्नानघर टूटेंगे। जिन ठेकेदारों को इन्हें बनाने का काम दिया गया था वही इसे तोड़ेंगे। नगर निगम ने रैली में आने वाले बसपा कार्यकर्ताओं के लिए स्मृति उपवन में 3000 शौचालय व स्नान घर बनवाए थे। सभी शौचालय व स्नानघर पक्के बने थे। इनमें प्लाई के दरवाजे भी लगे थे। इनके निर्माण पर लगभग एक करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है।

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