भारतीय नववर्ष का हुआ स्वागत - भारतीय नववर्ष का हुआ स्वागत DA Image
21 नबम्बर, 2019|4:13|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारतीय नववर्ष का हुआ स्वागत

संवाद सूत्रपटना। चैत्र मास के शुभारंभ के साथ ही भारतीय नववर्ष शुरू हो गया। इसको लेकर राजधानी में कई संस्थाओं ने कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में कहा गया कि यह नव वर्ष हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। इसी से भारत की पहचान है। जरूरत हेै आज जन जागरण कर अपने नववर्ष का संदेश आम जनता को पहुंचाया जाए। जब ब्रिटेन, चीन, पाकिस्तान एवं अन्य देश अपने नववर्ष को धूमधाम से मनाते हैं तो हम भारतीय क्यों नहीं। चैत्र मास शुक्ल पक्ष तिथि प्रथम दिन मंगलवार मधूसुदन कल्याण श्री एवं सोसाइटी इम्पावरमेंट ने नवसंवत्सर 2067 स्वागत वर्ष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ पी.बी . ठाकुर एवं डॉ संदीप थे। अतिथियों को प्रतीक चिन्ह एवं तुलसी का पौधा देकर सम्मानित किया गया। वहीं मीठापुर के सरस्वती विद्याा मंदिर में भी नववर्ष के मौके पर वर्ष प्रतिपदा कार्यक्रम का आयेजन किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉ विनायक पद्माकर ने कहा कि चैत्र मास का नववर्ष वैज्ञानिक एवं प्रमाणिक है। इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। महाराजा विक्रमादित्य ने विक्रम संवत की शुरूआत की थी। इस लिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही नववर्ष प्रारंभ होता है। इस मौके पर पथ संचलन भी निकाला गया जो हर मुहल्ले होकर गुजरा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: भारतीय नववर्ष का हुआ स्वागत