ंपहली अप्रैल से सप्ताह में 45 घंटे पढ़ाएंगे स्कूल शिक्षक साल - ंपहली अप्रैल से सप्ताह में 45 घंटे पढ़ाएंगे स्कूल शिक्षक साल DA Image
14 दिसंबर, 2019|1:52|IST

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ंपहली अप्रैल से सप्ताह में 45 घंटे पढ़ाएंगे स्कूल शिक्षक साल

पटना (हि.ब्यू.)। बिहार समेत पूरे देश में 1 अप्रैल से शिक्षा का अधिकार कानून लागू होगा। इसके साथ ही 6 से 14 साल के सभी बच्चों के लिए अनिवार्य एवं निशुल्क शिक्षा का प्रावधान हो जाएगा। बिहार शिक्षा परियोजना के निदेशक राजेश भूषण ने बताया कि राज्यों को यह जिम्मेवारी दी गई है कि 6 से 14 साल का हर बच्चाा अनिवार्य रूप से शिक्षा प्राप्त करे। बच्चों को शतप्रतिशत साक्षर बनाने वाले इस कानून के मुताबिक उनका केवल दाखिला कराना ही नही, बल्कि स्कूल में बने रहना भी राज्य सरकारों का दायित्व है। एक्ट में विद्यालय दिवस भी निर्धारित है। स्कूलों के लिए साल में 220 दिन की पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है। शिक्षक भी सप्ताह में 45 घंटा अनिवार्य रूप से पढ़ाएंगे। एक्ट के मुताबिक निजी स्कूलों को अपनी कुल सीट का 25 फीसदी पोषक क्षेत्र के गरीब बच्चों से भरना अनिवार्य होगा। इस मद में निजी स्कूलों को होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई राज्य सरकार करेगी। मानवाधिकार संघ द्वारा इस कानून पर आयोजित सेमिनार में श्री भूषण ने बताया कि इस अधिकार के तहत बच्चों के दाखिला के समय प्रवेश परीक्षा और जन्म प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त हो गई है। बच्चों को किसी प्रकार से शारिरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले दंड के भागी बनेंगे। उन्होंने बताया कि नए कानून के मुताबिक स्कूलों में छात्र शिक्षक का अनुपात 1:30 रखा गया है। एक्ट में कैपिटेशन फीस लेने वालों स्कूलों को दंडित करने का भी प्रावधान है। श्री भूषण ने बताया कि एक्ट लागू होने पर शिक्षकों को आपदा एवं चुनाव को छोडक़र किसी भी गैर शिक्षण कार्य में नहीं लगाया जाएगा।

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