गरिमामय जीवन के लिए शिक्षा जरुरी - गरिमामय जीवन के लिए शिक्षा जरुरी DA Image
22 नवंबर, 2019|3:08|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गरिमामय जीवन के लिए शिक्षा जरुरी

संवाद सूत्रपटना। सरकार अगले महीने से नई शिक्षा नीति लागू करने जा रही है। इसमें छ:साल से 14 साल तक के सभी बच्चों को मुफ्त अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार पहले भी इस तरह की योजनाएं लाती रही है । ऐसे में इस नए शिक्षा के अधिकार अधिनियम की सफलता पर सवाल भी उठने लगे हैं। इसकी चुनौतियों और संभावनाओं को विषय बना कर श्री अरविन्द महिला कॉलेज में मनोविज्ञान विभाग और सूर्यस्थली ह्यूमन वेलफेयर सोसायटी की तरफ से एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन छात्राओं की वाणी वंदना से हुआ। सेमिनार की शुरुआत मनोविज्ञान विभागकी विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मशीला सिंह के स्वागत भाषण से हुई। विषय प्रवेश करते हुए कॉलेज की प्राचार्या डॉ. आशा सिंह ने कहा कि हम यहां की छात्राओं को वो सारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की कोशिश में लगे हुए हैं जिससे कॉलेज से निकलने के बाद वे आत्मनिर्भर बन सके। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए बी.एस.एन.एल के महाप्रबंधक आर.पी.सिंह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने की जरुरत है। इसके लिए सरकार को शिक्षा में ज्यादा से ज्यादा धन लगाने की भी जरुरत है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति एंव रिटायर्ड आईएएस अभिमन्यू सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा में सुधार के लिए केन्द्र सरकार को बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देकर शिक्षा के कानून के मद्देनजर ज्यादा धन देना चाहिए। कार्यक्रम में इंडियन एसोसियशन ऑफ टीचर्स एजूकेशन के महासचिव डॉ. खगेन्द्र कुमार ने अपने विशेष भाषण में कहा कि देश के 8 फीसदी विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बच्चों को समावेशी शिक्षा से जोड़ने की जरुरत है। डॉ. कुमार संजीव ने कहा कि हमारे यहां समान शिक्षा व्यवस्था लागू नहीं है। ऐसे मे शिक्षा की ऐसी व्यवस्था की जरुरत है कि सरकारी स्तर पर स्तरहीन शिक्षा से छुटकारा पाकर बच्चों निजी स्कूलों के बच्चों के साथ प्रतिस्पर्धा लायक बन सकें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रतिभा सहाय ने तथा धन्यवाद ज्ञापन मनोविज्ञान की प्रो.डॉ. मंजू वर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. रीना सहाय, डॉ.उषा सिंह, डॉ.विमला सिन्हा, डॉ.सत्या सिन्हा, डॉ. आराधना सिंह सहित कॉलेज के सभी शिक्षक एंव छात्राएं उपस्थित थीं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: गरिमामय जीवन के लिए शिक्षा जरुरी