पंजाब में कीनू के बाद अब होगी केला क्रांति - पंजाब में कीनू के बाद अब होगी केला क्रांति DA Image
11 दिसंबर, 2019|6:20|IST

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पंजाब में कीनू के बाद अब होगी केला क्रांति

बायोटेक पार्क लखनऊ में डेवलप जी-9 किस्म की पनीरी को पंजाब के माल्वा में उगाने की तैयारीरवि प्रकाश तिवारी चंडीगढ़पिछले कुछ वर्षो में जिस तरह पंजाब में कीनू की खेती का प्रचलन बढ़ा और आज उसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, उसी तर्ज पर पंजाब के माल्वा बेल्ट में केला क्रांति की तैयारी है। पिछले दिनों पंजाब सरकार ने अपने किसानों को केले की खेती के लिए जागरूक करने का प्रस्ताव दिया और इसमें सहयोग करने का आश्वासन दिलाया है। हॉर्टिकल्चर को बढ़ावा देने के तहत पंजाब के किसानों को केले का विकल्प भाने भी लगा है।अर्थव्यवस्था के नजरिए से केले का उत्पादन काफी लाभकारी होगा। वर्तमान में कुल 100 हजार करोड़ रुपए का केले का बाजार है, जबकि हमारे देश की हिस्सेदारी नाममात्र है। ऐसे में केले की खेती पंजाब में बड़े पैमाने पर हो सकती है। खेती के लिए पनीरी लखनऊ बायोटेक पार्क से मुहैया हो सकती है। बायोटेक की नर्सरी में टिश्यू कल्चर से जी-9 किस्म की केले की पनीरी तैयार कर ली गई है।इस किस्म की पनीरी पंजाब के किसान गोदरेज, कैडिला, जेन इरिगेशन और शिल्ड बायोटेक जैसी कंपनियों से हासिल कर सकते हैं।इस बारे में लखनऊ बायोटेक पार्क के सीईओ प्रो. पीके सेठ का कहना है कि पंजाब ने किनू के तौर पर इस तरह का प्रयोग और सफलता पहले भी देखा है। यह अच्छा मौका है हॉर्टिकल्चर के जरिए अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत करने का। पंजाब के कुछ इलाके इसकी खेती के बिलकुल अनूकल हैं, इसका लाभ उठाने की शुरुआत किसानों ने कर दी है, उम्मीद है इस दिशा में भी हमें क्रांति देखने को मिलेगी।पार्क बनाएगा बायो खाद और बायो पेस्टीसाइड भीबायोटेक पार्क, लखनऊ में बायो खाद और बायो पेस्टीसाइड बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। आने वाले दिनों में उत्पादन बढ़ाया जाएगा। प्रो. सेठ का कहना है कि मांग बढ़ने और उत्पादन बढ़ने की दशा में इस पर खर्च कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि खेती और खाद्य उत्पादों को बचाने का यही एक विकल्प साबित होगा।ं

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