पैंतालिस साल पुरानी यादों में खो गये पासवान 15 फरवरी को - पैंतालिस साल पुरानी यादों में खो गये पासवान 15 फरवरी को DA Image
12 नबम्बर, 2019|1:50|IST

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पैंतालिस साल पुरानी यादों में खो गये पासवान 15 फरवरी को

पटना (हि.ब्यू.)। थियोसोफिकल हॉस्टल पहुंचकर पैंतालिस साल पुरानी यादों में खो गये रामविलास पासवान। बुधवार को सरस्वती पूजा के मौके पर वह इस हॉस्टल में पहुंचे तो चेहरे पर ऐसा भाव दिखा जैसे वर्षो पहले कुछ खो गया था जो आज अचानक मिल गया। पासवान ने 1965 में इसी हॉस्टल में रहकर दलित छात्रों के हक की लड़ाई लड़ी थी। थियोसोफिकल में रहकर पढ़ाई कर रहे छात्र जब अपने ‘सीनियर’ के सामने समस्याएं गिनाने लगे तो पासवान ने अपनी यादों को रिकॉल करके उन्हें हक की लड़ाई लड़ने का पाठ पढ़ाया। मां शारदे के सामने ‘वर दे! वीणा वादिनी वर दे!’ का आह्वान करके लोजपा प्रमुख ने हॉस्टल और छात्रों की समस्याओं के खिलाफ 15 फरवरी को सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बन्द कराने का एलान कर दिया। वह छात्रों को लगे बताने कि एक अतिरिक्त हॉस्टल बनवाने के लिए कैसे कर्पूरी ठाकुर जैसे कद्दावर नेता का घेराव करना पड़ा। फिर उन्होंने अपनी तरफ देख रहे छात्रों को कहा, केवल सुनने से कुछ नहीं होगा। अगर समस्या है तो उसके खिलाफ आवाज उठाइये। हम आगे आकर आपका साथ देंगे। लोजपा 15 को बन्द करयेगी। इससे पहले 4 फरवरी को थियोसोफिकल, सैदपुर, महेन्द्रू और अरफाबाद के पांच-पांच छात्रों के साथ लोजपा का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल देबानन्द कुंवर से मिलेगा। उनकी बातों का कुर्ता पहने कुछ छात्रों पर ज्यादा ही असर दिखने लगा तब उन्होंने छात्रों का याद दिलाया कि ‘आपलोगों पर ही आपके माता-पिता और परिवार की उम्मीदें टिकीं हैं। समस्याओं के खिलाफ जरूर लडिम्ए लेकिन अपने असली लक्ष्य को भी याद रखिएगा।’ लोजपा प्रमुख जिस हॉस्टल पहुंचे छात्रों में उनके साथ फोटो खिंचवाने की मारामारी मची रही। थियोसोफिकल हॉस्टल की ही तरह लॉ कॉलेज हॉस्टल में भी खासा उत्साह था। पासवान वहां 1967 में रहे थे। सरस्वती पूजा के दौरान वह सबसे पहले पहुंचे बी.एन.कॉलेज छात्रावास। साथ में पूर्व सांसद सूरजभान, दलित सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचन्द्र पासवान, सूर्य नारायण यादव, विधायक दल के नेता महेश्वर सिंह, प्रदेश महासचिव केशव सिंह, मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र प्रताप और ललन कुमार चन्द्रवंशी थे। वहां से राजकीय कल्याण छात्रावास (महेन्द्रू), राजकीय अम्बेदकर कल्याण छात्रावास (अरफाबाद), चौरसिया छात्रावास, हथुआ छात्रावास, पीजी हॉस्टल और सीबी रमन छात्रावास (रानीघाट)।ं

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