साहित्य अकादमी से पुरस्कृत साहित्यकार इंदू नहीं रहे - साहित्य अकादमी से पुरस्कृत साहित्यकार इंदू नहीं रहे DA Image
11 दिसंबर, 2019|8:50|IST

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साहित्य अकादमी से पुरस्कृत साहित्यकार इंदू नहीं रहे

पटना।हिन्दी, मैथिली, उर्दू व नेपाली में डेढ़ सौ से अधिक पुस्तकों के लेखक अनंत विहारी लालदास इंदू अब नहीं रहे। वर्ष 2007 में मैथिली पुस्तक ‘युद्ध और योद्धा’ के लिए साहित्य अकादमी से पुरस्कृत इंदू का 82 वर्ष की उम्र में धनबाद में निधन हो गया। कमरौली (दरभंगा) निवासी इंदू जी को आकाशवाणी से प्रसारित होने वाले चौपाल के शुरुआती दौर में चेतन भाई के रूप में भी काफी ख्याति मिली थी। नए-नए रास्ते नामक फिल्म के निर्देशन में भी उनकी अहम भूमिका रही है। वर्ष 1943 में रेडियो लेखन व कविता से उनकी साहित्यिक यात्राा शुरू हुई थी। उनकी चर्चित पुस्तकों में तीन सप्तक, ओकरे लेल, उसैको लागि (नेपाली), रागमयी-अनुरागमयी (हिन्दी), तंत्र विथिका, सजनी गे, सीता व्यथा कथा, राम व्यथा कथा, मधुर मैथिली गजल व इतिश्री (अंतिम पुस्तक) शामिल हैं। उनके परिवार में चार पुत्र व दो पुत्री हैं। बड़े पुत्र डा. प्रेमचंद्र लालदास के मुताबिक शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार होगा।

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