शिक्षा नीति कमजोर कोचिंग मजबूत - शिक्षा नीति कमजोर कोचिंग मजबूत DA Image
17 नबम्बर, 2019|8:05|IST

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शिक्षा नीति कमजोर कोचिंग मजबूत

आप बोले में जनता की राय पटना (हि.प्र.)। कोचिंग को लेकर राजधानी में हुए बवाल पर पूरे राज्य की जनता आक्रोशित है। आम जनता का मानना है कि सरकार की शिक्षा नीति विफल होने के कारण ही आज राजधानी ही नहीं पूरे राज्य में निजी कोचिंग फल-फूल रहे हैं। छात्रों व अभिभावकों का कहना है कि सरकार न सिर्फ कोचिंग के लिए नियमावली बनावे बल्कि निजी हॉस्टल व लॉज के मालिकों पर भी सख्ती बरते। मधुबनी के महेश प्रसाद यादव का कहना है कि सरकार की शिक्षा नीति कमजोर है इसलिए कोचिंग का धंधा चल रहा है। सरकार शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करे। पटना बहादुरपुर के रंजीत कुमार का कहना है कि पुलिस ने छात्रों पर जो कहर बरपाया है वह निंदनीय है। काजीपुर पटना के अमित कुमार ने कहा कि यह घटना छात्रों के हित में नहीं है। बिक्रम पटना के रजनीश ने कहा कि शिक्षा के बाजारीकरण के कारण ही कोचिंग का धंधा परवान पर है। काफी क्षति होने के बाद राज्य सरकार की नींद खुली है। रमना रोड पटना के मो. अफताब ने कहा कि इस घटना के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ है। समस्तीपुर के विजय सिंह ने कहा कि राज्य में समान शिक्षा प्रणाली लागू हो और कोचिंग संचालन के लिए नियमावली बने। बिहिया भोजपुर के ओमप्रकाश ने कहा कि कोचिंग में छात्रों को सही शिक्षा नहीं मिलती है जबकि पैसा टाइट से वसूला जाता है। दरभंगा के सुनील कुमार लालदेव ने कहा कि छात्रों के साथ जो घटनाएं घटी हैं वह काफी शर्मनाक है। पटना मुसल्लहपुर के अमित रंजन ने कहा कि मृतक छात्र के परिजनों को मुआवजा मिले। मधुबनी के के अखबाक सिद्दीकी ने कहा कि कोचिंग संचालक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सिलेबस को पूरा नहीं किया जाता है। गर्दनीबाग पटना के उमेश सिंह ने कहा कि शिक्षक मर्यादित रहें, छात्र संयमित रहें व अभिभावक जागरुक रहें। शिक्षा को राजनीति से हमेशा दूर रखना चाहिए। हाजीपुर के संजीत कुमार वसंत ने कहा कि अगर सरकारी स्कूल व कॉलेज दुरुस्त रहते तो कोचिंग वालों की मनमानी नहीं चलती। समस्तीपुर के महेश कुमार पासवान ने कहा कि शिक्षक छात्रों के साथ बदसलूकी करते हैं। अच्छे शिक्षक बॉडोगार्ड का सहारा नहीं लेते हैं। ‘हिन्दुस्तान’ के ‘बोले आप ’ में पटना के ज्ञानी जैल सिंह, कुमार गौरव, स्मिता, आशीष कुमार, रणधीर कुमार वर्मा, अमित कुमार, निशांत राज, आलोक कुमार, सुनील कुमार, गोपालगंज के इम्तियाज अली भुट्टो, बेगूसराय के पंकज झा, आरा के जुमनी जौहर, मोतिहारी के संदीप कुमार चौधरी, दरभंगा के राजीव व अभिषेक कुमार, बिक्रमगंज के कृष्ण कुमार, कटिहार के प्रताप सिंह, सीवान के संतोष कुमार मिश्रा, जयनगर के रामबालक यादव, भोजपुर के रसूल कुमार, वैशाली के पिंटू कुमार, खगडिय़ा के मंजीत सहित दर्जनों लोगों ने भी अपने विचार रखे।

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