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'शाइनिंग इंडिया' पर आडवाणी ने मानी गलती

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने एचटी लीडरशिप समिट में शाइनिंग इंडिया कैंपेन पर गलती स्वीकार करते हुए कहा कि यह इमर्जिंग इंडिया होना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि जब मैं देश में बढ़ रहे करोड़पतियों और अरबपतियों की सूची देखता हूं तो मुझे निराशा होती है कि आम आदमी की स्थिति अभी बहुत नहीं बदली है। उन्होंने शाइनिंग इंडिया स्लोगन पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि दरअसल यह यात्रा 'भारत उदय' यात्रा थी और किसी ने इसका अंग्रेजी अनुवाद शाइनिंग इंडिया किया, जोकि गलत था। इसे दरअसल इमर्जिंग इंडिया होना चाहिए था।

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले को देश में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए कहा कि इससे देश की छवि खराब हुई। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में इस तरह का घोटाला नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वोट के लिए नोट कांड भी ऐसा ही एक बड़ा कांड था।

आडवाणी ने अपनी पुरानी यात्राओं को याद करते हुए कहा कि मेरी सभी यात्राओं में जनता का अपार समर्थन मिला। उन्होंने कहा कि मेरी पिछली छह यात्राओं में जनचेतना यात्रा सर्वाधिक सफल रही। इन यात्राओं से मैंने बहुत कुछ सीखा। मुझे जनता से बहुत कुछ जानने को मिला।

उन्होंने कहा कि मेरी यात्राओं का एकमात्र उद्देश्य जनता तक पहुंचना था। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के एक के बाद एक मामले आने से जनता में काफी निराशा का भाव था, इसलिए मैं चाहता था कि जनता इस निराशा के भाव से बाहर निकल सके, और आशा से भरा हो, यही विकास की कुंजी है। उन्होंने कहा कि 2011 घोटालों का साल रहा है, मेरा मानना है कि 2012 जिम्मेदारी का वर्ष हो।

उन्होंने अपने पिछली यात्राओं की चर्चा करते हुए कहा कि मेरी पिछली यात्राओं का भी उद्देश्य समय समय पर जनता तक अपनी बातों को पहुंचाना और उनकी समस्याओं को सुनना होता है। उन्होंने 1997 के स्वर्णजयंती यात्रा को याद करते हुए कहा कि वह यात्रा आजादी के 50 साल पूरे होने पर शहीदों को याद करना था, और जनता को आजादी के महत्व को समझाना था।

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