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बदलते दौर में भी पहली पसंद

मध्य दिल्ली के स्कूल भले ही काफी पुराने समय से हैं, लेकिन इनमें पुराने जैसा कुछ भी नहीं है। अपनी आधारभूत संरचना में लगातार सुधार और आधुनिक तकनीक के कारण, यह स्कूल आज भी अपनी पहचान बनाए हुए हैं और अभिभावकों की पहली पसंद बने हुए हैं।

हर छात्र पर विशेष ध्यान देने के मामले में संस्कृति स्कूल को शीर्ष स्थान मिला है, वहीं शैक्षिक माहौल के मानदंड पर सरदार पटेल विद्यालय अव्वल रहा है। बाराखम्बा रोड स्थित 91 साल पुराने मॉडर्न स्कूल (एमएसबीके) को पुराने और नए दौर में सर्वश्रेष्ठ शिक्षा देने पर गर्व है। स्कूल की प्रिंसिपल लता विद्यानाथन कहती हैं ‘हमारे स्कूल की संरचना कुछ इस तरह है कि इसका परिसर काफी खुला-खुला है और प्राकृतिक रूप से शांत है। इसके साथ ही हमारे 60 क्लास रूम में स्मार्ट बोर्ड लगाए गए हैं।’

हर साल दाखिले के दौरान अभिभावक इन स्कूलों का रुख करते हैं। लेकिन क्या मध्य दिल्ली के स्कूलों के प्रतिष्ठित नाम और दूर तक फैली ख्याती ही काफी है? माटर डे कॉन्वेंट में पढ़ने वाली बेटियों की मां रेशमा मिर्जा कहती हैं ‘स्कूल की साख महत्वपूर्ण है। लेकिन किस तरह की शिक्षा वह बच्चों को दे रहे हैं, कहीं ज्यादा अहम है। किताबी ज्ञान के अलावे, स्कूल में सिखाए जाने वाले नैतिक मूल्य और आत्मविश्वास लाने के पाठ जो बच्चों के व्यक्तित्व को आकार देते हैं। और यही मैं अपने बच्चों के लिए चाहती हूं।’

यहां के स्कूल केवल अपने आदर्शों पर ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल सकते हैं। अभिभावकों और छात्रों की मांग को ध्यान में रखते हुए हर चुनौती स्वीकार करते हैं। दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड के प्रिसिंपल एमआई हुसैन का कहना है कि पहले जब अभिभावक अपने बच्चे को स्कूल में दाखिला दिलाते थे तो यह डाकघर में खत डालने जैसा होता था। उन्हें भरोसा होता था कि वह सही जगह जरूर पहुंचेगा। लेकिन अब अभिभावक जानते हैं कि उन्हें क्या चाहिए। हमलोग इसका स्वागत करते हैं और यह हमारी प्राथमिकता में है।

अपनी शिक्षा को लेकर छात्र क्या चाहते हैं? ज्यादातर शायद ऐसा ही चाहेंगे कि 90 फीसदी से अधिक अंक आएं, अन्य गतिविधियों में उनका नाम हो, एक्चेंज प्रोग्राम के तहत विदेश जाने का मौका मिले, अंतरस्कूल कार्यक्रमों में शामिल हों और स्कूल में पढ़ाई के साथ दोस्तों से मौजमस्ती हो। प्रतिस्पर्धा ने पूरा परिदृश्य ही बदल दिया है लेकिन वह जानते हैं कि उन्हें अपनी मजबूतियों के सहारे किस तरह आगे बढ़ना है।

सर्वे की प्रक्रिया
यह सर्वे तीन चरण में पूरा हुआ। पहले चरण में स्कूलों से अकादमिक और गैर-अकादमिक सुविधाओं, छात्रों के प्रदर्शन, शिक्षकों की योग्यता आदि की जानकारी मांगी गई थी। मिली जानकारी के आधार पर सर्वे संस्था सी-फोर ने दूसरे चरण के लिए स्कूलों को चुना। शहर के छह जोन (मध्य, पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी, दक्षिणी-पश्चिमी, और दक्षिण-पूर्वी) से 3,000 अभिभावकों और शिक्षकों को शामिल किया गया। 14 मानक तय किए गए और 10 प्वाइंट के स्केल पर उन्हें अंक देने को कहा गया। जुटाई गई जानकारी को पहले चरण से प्राप्त वस्तुनिष्ठ आंकड़ों के साथ जोड़ दिया गया। तीसरे चरण में सी फोर के शोधकत्र्ताओं ने स्कूल का मूल्यांकन कर उन्हें अंतिम रूप से सूचीबद्ध किया। जिन स्कूलों ने सर्वे में भाग नहीं लिया है, उन्हें अभिभावकों और शिक्षकों से मिली जानकारी के आधार पर अंक दिए गए।

इनमें भी है दम..
भले ही ये स्कूल शीर्ष 10 में अपनी जगह पक्की न कर पाएं हों, लेकिन ये भी अभिभावकों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं

इन्हें पर भी डालें एक नजर

मानव स्थली स्कूल
आर ब्लॉक, न्यू राजेन्द्र नगर

अलग-अलग कार्यक्रम और विभिन्न सांस्कृतिक एक्सचेंज प्रोग्राम इस स्कूल के कैलेंडर का मुख्य भाग है। मानव स्थली स्कूल बच्चों को अनुभव और व्यवहारिक शिक्षा के माध्यम से सीखाने में यकीन रखता है।

कार्मल कॉन्वेंट
माल्चा मार्ग, चाणक्यपुरी

1957 में स्थापित इस स्कूल का उद्देश्य है युवा लड़कियों के लिए गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करना। यह खेलकूद पर जोर देने के अलावा विभिन्न कार्यक्रमों में भी भाग लेने के लिए छात्रों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर देता है।

कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मेरी
बंग्ला साहिब मार्ग

राजधानी के कन्या विद्यालयों में से प्रतिष्ठित स्कूल है। यह नैतिकता और अनुशासन को बढ़ाता और साझा करता है। स्कूल के पास नामचीन एल्युमनी की लंबी सूची है।

रामजस स्कूल
पूसा रोड

वर्ष1971 में स्थापित यह स्कूल विद्यार्थियों को कई सुविधाएं प्रदान करता है। यह स्कूल भाषा को बेहतर बनाने की आधुनिक कक्षा, कला और मल्टीमीडिया संसाधन केंद्र के साथ-साथ रोमांचक गतिविधियों पर जोर देता है, ताकि पढ़ने और पढ़ाने के तरीकों में और नयापन लाया जा सके।

जीडी सलवान पब्लिक स्कूल
ओल्ड राजेन्द्र नगर

यह भारतीय मूल्यों को बरकारार रखते हुए आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देता है। साथ ही यह छात्रों के लिए अच्छे संग्रह वाला मेडिकल सेंटर, जिम और काउंसलिंग सर्विस भी ऑफर करता है।

अन्य बेहतर विकल्प

प्रजंटेशन कॉन्वेंट
एसपी मुखर्जी मार्ग

लाल किला कुछ ही दूरी पर स्थित सिर्फ छात्राओं के लिए बना यह स्कूल अन्य कॉन्वेंट स्कूलों की तुलना में वहन करने योग्य होने के साथ गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने, अनुशासन, कम्यूनिटी सेंटर और अकादमिक पर विशेष जोर देता है।

एयर फोर्स बाल भारती स्कूल
लोधी रोड

एयर फोर्स कर्मचारियों के बच्चों के लिए इस स्कूल को स्थापित किया गया था, लेकिन अब इसमें दाखिले के द्वार अन्य पृष्ठभूमि से आए बच्चों के लिए भी खुल गए हैं। खेलकूद की सभी सुविधाओं से लैस परिसर बच्चों के शारीरिक विकास पर विशेष जोर देता है।

गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल
पुराना किला
बच्चों के सपूर्ण विकास को सुनिश्चित करते हुए यह स्कूल उन्हें होने वाले विभिन्न गतिविधियों जैसे संगीत, नृत्य, कला और खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।

द बैन्यन ट्री स्कूल
लोधी इंस्टीटय़ूशनल एरिया

स्कूल में बच्चों के निजी नैतिक विकास के लिए कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। उनमें सहानुभूति, संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता, सहयोग, संगठनात्मक गुण और सामाजिक चेतना जैसे गुणों का विकास हो इस पर विशेष जोर दिया जाता है।

सलवान गल्र्स सीनियर सेकेंड्री स्कूल
ओल्ड राजेंद्र नगर

यह स्कूल सभी वर्ग के स्कूल के लिए शिक्षा मुहैया कराता है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न मध्यम वर्गीय बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए स्कॉलरशिप भी देता है।

डिसक्लेमर- इस सर्वे के आंकड़ों पर एचटी मीडिया लिमिटेड का कॉपीराइट है। सर्वे के आंकड़ों का किसी भी रूप में इस्तेमाल कॉपीराइट का उल्लंघन माना जाएगा और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

* इन स्कूलों ने सर्वे में भाग नहीं लिया। इनके स्कोर अभिभावकों और शिक्षकों पर कराए गए सर्वे के मुताबिक हैं, जिनका जिक्र सर्वे प्रक्रिया में किया गया है।

स्कूल द्वारा उपलब्ध कराए गए नर्सरी के शुल्क अनुमानित हैं, इनमें वार्षिक शुल्क और विकास शुल्क शामिल हैं (परिवहन शुल्क बदल सकते हैं)। कुल शुल्क की जानकारी के लिए स्कूल से संपर्क करें।

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