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केवल 652 दिन तक रहा सचिन के नाम रिकॉर्ड

एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शुरू होने के लगभग 29 साल बाद सचिन तेंदुलकर इस प्रारूप में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बने थे लेकिन मास्टर ब्लास्टर के नाम पर यह रिकॉर्ड केवल एक साल, नौ महीने और 14 दिन यानि 652 दिन तक ही रह पाया।

तेंदुलकर ने 24 फरवरी 2010 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में नाबाद 200 रन बनाए थे। वह तब एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले बल्लेबाज बने थे। उनके ही साथी खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग ने हालांकि गुरुवार को इंदौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ 219 रन बनाकर एकदिवसीय मैचों में सर्वाधिक व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड अपने नाम कर दिया।

देखना है कि सहवाग के नाम पर यह रिकॉर्ड कितने समय तक रहता है। अब तक वनडे में उच्चतम स्कोर का रिकॉर्ड सबसे लंबे समय तक वेस्टइंडीज के विवियन रिचडर्स के नाम पर रहा है। एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत 1971 में हुई थी और तब से कुछ अवसरों पर बल्लेबाज दोहरे शतक के करीब पहुंचे थे लेकिन सबसे यह उपलब्धि हासिल करने का श्रेय तेंदुलकर को मिला था। उनसे पहले दो बल्लेबाज पाकिस्तान के सईद अनवर (194) और जिम्बाब्वे चार्ल्स कावेंट्री (नाबाद 194) इसके बेहद करीब पहुंच पाए थे।

इंग्लैंड के ज्योफ्री बॉयकॉट को एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में पहली गेंद खेलने और पहला रन बनाने का श्रेय हासिल है लेकिन पांच जून 1972 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेले गए इस मैच में उनके साथी सलामी बल्लेबाज जॉन एल्ड्रिच ने 82 रन की पारी खेली। यह वनडे में पहला अर्धशतक था और स्वाभाविक तौर पर तब सर्वोच्च व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भी था।

एल्ड्रिच के नाम पर हालांकि यह रिकॉर्ड केवल 80 दिन ही रह पाया तथा इंग्लैंड के ही डेनिस एमिस ने 24 अगस्त 1972 को एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दूसरे मैच में ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैनेचस्टर में वनडे का पहला शतक (103 रन) जड़कर इसे तोड़ दिया था। एमिस का यह रिकॉर्ड भी सात सितंबर 1973 को वेस्टइंडीज के राय फ्रेडरिक्स ने अपने नाम कर दिया था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में 105 रन बनाए थे।

इंग्लैंड के डेविड लायड ने 31 अगस्त 1974 को पाकिस्तान के खिलाफ नॉटिंघम में नाबाद 116 रन की पारी खेलकर वनडे में उच्चतम स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम किया। पाकिस्तान के माजिद खान इसी मैच में उनका यह रिकॉर्ड तोड़ सकते थे लेकिन वह 109 रन बनाकर आउट हो गए।

बहरहाल में 1975 में खेले गए पहले विश्वकप में सात जून को न्यूजीलैंड के ग्लेन टर्नर ने पूर्वी अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 171 रन की धुआंधार पारी खेली और सर्वाधिक व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसी दिन एमिस ने भारत के खिलफ लॉर्ड्स में 137 रन बनाए थे।

टर्नर के नाम पर यह रिकॉर्ड आठ साल 11 दिन तक रहा। भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने 1983 विश्वकप में जिम्बाब्वे के खिलाफ टनब्रिज वेल्स में नाबाद 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम किया था।

कपिल के नाम पर रिकॉर्ड केवल 11 महीने और 13 दिन तक ही रह पाया था क्योंकि वेस्टइंडीज के विव रिचडर्स ने 31 मई 1984 को इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में नाबाद 189 रन की जबर्दस्त पारी खेल दी थी। अब तक सर्वाधिक 12 साल 11 महीने 21 दिन तक यह रिकॉर्ड रिचडर्स के नाम पर ही रहा है। उनके इस रिकॉर्ड को आखिर में 21 मई 1997 को पाकिस्तान के सईद अनवर ने तोड़ा। उन्होंने भारत के खिलाफ चेन्नई में 194 रन बनाए थे। जिम्बाब्वे के चार्ल्स कावेंट्री 16 अगस्त 2009 को बुलावायो में अनवर के रिकॉर्ड को तोड़ने के करीब पहुंचे थे लेकिन वह आखिर में 194 रन बनाकर नाबाद रहे थे।

आखिर में 12 साल, नौ महीने और तीन दिन बाद तेंदुलकर ने ग्वालियर में इतिहास रचकर अनवर और कावेंट्री का यह संयुक्त रिकॉर्ड तोड़ा था।

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