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सरकार ने स्कूलों से पूछा, कहां है राह में रोड़ा

सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई एक्ट) के पब्लिक स्कूलों पर भी लागू होने का फैसला दिए जाने के बाद दिल्ली में इस कानून को सख्ती से लागू करने के लिए दिल्ली सरकार सक्रिय हो गई है। सरकार ने दिल्ली में चल रहे सभी निजी पब्लिक स्कूलों से कहा है कि वे आरटीई लागू करने की दिशा में आ रही परेशानियों से सरकार को अवगत कराएं ताकि इन्हें यथाशीघ्र दूर किया जा सके।

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने आला अधिकारियों और स्कूल संगठनों की बैठक में इस मुद्दे पर विचार विमर्श किया। बैठक के बाद दीक्षित ने बताया कि सरकार दिल्ली में प्रभावी तौर पर आरटीई कानून लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार मुहैया कराने के लिए स्कूलों में इस दिशा में आ रही परेशानियों को दूर करना होगा। इसलिए सरकार ने सभी स्कूलों से इसका विस्तृत ब्योरा मांगा है। अगली बैठक में स्कूलों द्वारा पेश किए गए ब्योरे के आधार पर सरकार आगे की कार्ययोजना को तय करेगी और इसे स्कूलों में प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में तेजी से काम करेगी ताकि कम आय वर्ग के बच्चों को समुचित शिक्षा दी जा सके।

बैठक में शामिल दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मेनेजमेंट एसोसिएशन के प्रमुख आर. सी. जैन ने बताया कि आरटीई कानून को लागू करने पर पब्लिक स्कूलों को बाध्य करने को लेकर बैठक में कोई विचार विमर्श नहीं किया गया। सरकार की ओर से सिर्फ पब्लिक स्कूलों की परेशानियां ही पूछी गईं। इस दिशा में फिलहाल कोई फैसला नहीं किया गया है। यहां तक कि बैठक की अगली तारीख भी तय नहीं की गई है।

ज्ञात हो कि निर्धन तबकों के बच्चों को भी अन्य बच्चों की तरह स्तरीय शिक्षा सुविधा मुहैया कराने के लिए आरटीई कानून के तहत सभी पब्लिक स्कूलों को 25 प्रतिशत सीटें कमजोर आय वर्ग से ताल्लुक रखने वाले बच्चों के लिए आरक्षित करनी होंगी। आरक्षण की बाध्यता के दायरे में सरकार से रियायती दरों पर जमीन न लेने वाले पब्लिक स्कूल भी शामिल होंगे। दूसरी ओर मंहगाई को आधार बनाकर पब्लिक स्कूल सरकार से टय़ूशन फीस बढ़ाने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक सरकार इस मांग की व्यवहारिकता को देखते हुए इसी शर्त पर मानने का प्रस्ताव स्कूलों के समक्ष पेश कर सकती है कि वे इसके एवज में ईडब्ल्यूएस कोटे क ी सीटों पर निर्धन आय वर्ग के बच्चों का दाखिला सुनिश्चत करेंगे।

आरटीई
राजधानी के निजी स्कूलों की बात सुनेगी दिल्ली सरकार
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और स्कूल संगठनों के साथ की बैठक
ईडब्ल्यूएस कोटे पर दाखिला देने के बदले महंगाई को आधार बना स्कूल कर रहे हैं फीस बढ़ाने की मांग

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