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अंतरराष्ट्रीय लेन-देन सीमित करें बैंक: आरबीआई

धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने अन्य बैंकों से कहा है कि वे क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिये अंतरराष्ट्रीय लेन-देन सीमित करें और विशेष तौर पर जब तक ग्राहक मांग न करें तब तक वैश्विक पहुंच वाले कार्ड जारी करने से बचें।

रिजर्व बैंक ने कहा कि जारीकर्ता बैंक उन सभी वैश्विक कार्ड पर 500 डॉलर की मौद्रिक सीमा तय करें जिनका अब तक उपयोग नहीं हुआ है। केंद्रीय बैंक ने कहा सभी अंतरराष्ट्रीय कार्ड पर जारीकर्ता बैंकों द्वारा वैश्विक उपयोग से जुड़ी मौद्रिक लेन-देन की सीमा तय करनी चाहिए। यह सीमा ग्राहक की जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर तय होनी चाहिए और 30 जून तक ग्राहकों द्वारा स्वीकृत होनी चाहिए।

रिजर्व बैंक ने कहा कि इस प्रक्रिया के पूरे होने तक अब तक जिन कार्ड का उपयोग अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के लिए नहीं हुआ है उन पर मौद्रिक सीमा 500 डॉलर तय की जानी चाहिए। इंटरनेट के जरिये होने वाली धोखाधड़ी के मद्देनजर यह अधिसूचना जारी हुई है।

आरबीआई ने कहा कि इलेक्ट्रानिक भुगतान प्रणाली ऐसे दुरुपयोग के प्रति संवेदनशील होती जा रही है। यह आवश्यक हो गया है कि बैंक कुछ नियंत्रण की व्यवस्था करें ताकि ऐसी धोखाधड़ी का असर कम किया जा सके।

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