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थोड़ा सा रोमांटिक है रणवीर, दकियानूसी है अनुष्का

जहां सैफ-करीना और रितेश-जेनेलिया अगले साल शादी रचाने जा रहे हैं, वहीं एक साल पहले दोस्ती से अफेयर में तब्दील हुई रणवीर-अनुष्का की जोड़ी कुछ ही महीनों में टें बोल गयी, जिसका ठीकरा अनुष्का ने मीडिया के सिर फोड़ा है। आखिर कौन है सच्च और खेल में कौन है ‘कॉन’ आइये जानें।

थोड़ा सा रोमांटिक है रणवीर
‘बैंड बाजा बारात’ में आप पूरी तरह से दिल्ली वाले थे। क्या अभी भी रणवीर दिल्ली वाला ही है?

जी हां! ‘बैंड बाजा बारात’ करते हुए बॉडी लैंग्वेज, भाषा हर स्तर पर मैं दिल्ली वाला हो गया था और अपने अंदर से इस ‘दिल्ली वाला’ को निकालने के लिए मुझे फिल्म ‘लेडीज वर्सेस रिक्की बहल’ के सभी कलाकारों के साथ 28 दिन का वर्कशॉप करना पड़ा। वैसे ‘बैंड बाजा बारात’ के बाद मेरे पास तकरीबन दस फिल्मों के ऑफर आए थे। सभी में बिट्टू शर्मा जैसे मिलते-जुलते किरदार थे, जिन्हें मैंने नहीं किया। मुझे दिल्ली वासी का किरदार निभाने से इनकार नहीं था, पर मैं हर फिल्म में एक कलाकार के रूप में अपना विकास चाहता हूं।  

रिक्की बहल के बारे में कुछ बताएं?
फिल्म में ये मेरे किरदार का नाम है। हर लड़की से पैसा ठगने के लिए वह उनसे न सिर्फ दोस्ती करता है, बल्कि हर लड़की से मिलने के लिए अलग-अलग रूप लेता है। यानी कि जिस तरह की लड़की को ठगना है, उसी तरह से अपना रूप रचता है।

क्या रिक्की बहल के चरित्र को निभाने के लिए आपने कुछ कॉन (ठग) फिल्में देखी थीं?
इस चरित्र को निभाने से पहले मैंने इस विषय की कुछ विदेशी फिल्में देखी थीं, जिसमें मेरी पसंदीदा फिल्म ‘बंटी और बबली’ जब ‘बंटी और बबली’ रिलीज हुई थी, तब मैं अमेरिका में रहता था। अपने दोस्तों के साथ दो घंटे की ड्राइव करके हम यह फिल्म देखने शिकागो गए थे। 

आपकी नजर में कॉन फिल्म में क्या होना चाहिए?
कॉन फिल्म में रोमांच और स्पेस का होना बहुत जरूरी है। निर्देशक मनीष शर्मा इसमें माहिर हैं। उन्होंने फिल्म में स्पेस को बनाए रखने के साथ-साथ कहानी में कई मोड़ दिए हैं। 

एक ही फिल्म में चार अलग-अलग तरह के चरित्र निभाना कितना आसान रहा?
शुरुआत में मेरे दिमाग में था कि मुझे रिक्की बहल को एक स्ट्रीम कॉनमैन की तरह पेश करना है। पर वर्कशॉप के दौरान मुझे समझ में आया कि यदि मैं वैसा करता, तो गलत हो जाता। कुल मिलाकर इस फिल्म का हर चैप्टर अपने आप में एक कहानी है। मुझे ‘बैंड बाजा बारात’ के मुकाबले ‘लेडीज वर्सेस रिक्की बहल’ में ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। 

फिल्म ‘लुटेरा’ के बारे में कुछ बताएं?
इस फिल्म में मेरी नायिका सोनाक्षी सिन्हा हैं। मैं इस फिल्म में 1950 के बंगाली युवक का किरदार निभा रहा हूं, जो कि बहुत ही ठंडे स्वभाव का युवक है। इस फिल्म में मेरा लुक भी बंगाली युवकों जैसा है। इस फिल्म में मैं जिस तरह की पैंट पहने हुए नजर आने वाला हूं, उस तरह की पैंट अब तक फिल्मों में मेरे अलावा सिर्फ आमिर खान ने ही पहनी है। वैसे ‘लुटेरा’ के लुक व पहनावे के लिए मैंने देव आनंद और जेम्स डीन से प्रेरणा ली है।

अनुष्का शर्मा के साथ आपके रिश्ते कैसे हैं?
ऑन स्क्रीन हमारे बीच एक्स्ट्रा स्ट्रंग कैमिस्ट्री है। वह मेरी सीनियर है। मुझे एक कलाकार बनाने में उनका काफी बड़ा योगदान है। उसने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। एक स्पॉन्टेनियस कलाकार बनने के लिए उसने मुझे बहुत सारी बातें सिखाईं। शूटिंग के दौरान सामने वाले कलाकार को इंगेज करना, उसकी आंखों में आंखे डालकर बात करना सिखाया। पहली फिल्म में अनुष्का शर्मा मेरे साथ ना होती, तो शायद मैं इतना बेहतरीन कलाकार बन कर लोगों के सामने ना आ पाता।

निजी जिंदगी में अनुष्का शर्मा के साथ आपके संबंध क्या हैं?
निजी जिंदगी में वह मेरी बहुत अच्छी दोस्त है। हम एक दूसरे से अपने करियर व अन्य मसलों को लेकर अक्सर विचार-विमर्श करते रहते हैं। वह मेरे काफी करीब है। एक खूबसूरत लड़की है। आत्मनिर्भर है। बेहतरीन कलाकार है। वह ‘मिस्टर राइट’ को डिजर्व करती है और मैं ‘मिस्टर राइट’ हूं। इससे अधिक कुछ नहीं कह सकता।

तो फिर अनुष्का के साथ संबंध टूटने और सोनाक्षी के साथ संबंध जुड़ने की चर्चाएं क्यों हो रही हैं?
मैंने पहले ही कहा कि हम अनुष्का के साथ घूमते भी हैं। सोनाक्षी सिन्हा के साथ तो मेरी ज्यादा मुलाकातें नहीं हैं। सोनाक्षी के साथ मैंने आईफा अवार्ड्स में डांस किया था। फिर हम दोनों एक फोटो शूट में मिले थे और तीसरी बार हम फिल्म ‘लूटेरा’ के मुहूर्त पर मिले। इससे अधिक सोनाक्षी के साथ फिलहाल मेरा कोई रिश्ता नहीं है।

लेकिन उनके साथ रोमांस की चर्चा?
मैं किसी विवाद पर सफाई क्यों हूं। यदि कोई मुझसे सवाल करता है, तो मैं उसका जवाब जरूर देता हूं। सच कहूं तो हम जिस दिन कंट्रोवर्सी पढ़ते हैं, उसके दूसरे दिन हम उसे भूल जाते हैं। 

क्या आप रोमांटिक इंसान हैं?
मैं रोमांटिक, पैशिनेट और अधीर किस्म का इंसान हूं। मुझमें धैर्य नहीं है। मेरे लिए रोमांस वह हैं कि मैं परिस्थितियों के विपरीत जाकर भी किसी के लिए कुछ काम करूं।

आपकी इमेज कैसोनोवा जैसी क्यों है?
मैं एक निहायत ही शरीफ व अच्छा लड़का ही बनकर रहना चाहता हूं। पर कलाकार बनने से पहले मैं कैसोनोवा था।

दकियानूसी है अनुष्का
यशराज फिल्म्स के साथ यह आपकी चौथी फिल्म है। क्या फर्क महसूस करती हैं?

मैंने तो यशराज फिल्म्स के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। यदि यशराज फिल्म्स ने मुझे शाहरुख खान के साथ पहली फिल्म ‘रब ने बना दी जोड़ी’ के लिए नहीं चुना होता, तो मैं आज भी मॉडलिंग ही कर रही होती। यशराज फिल्म्स किसी कलाकार को ध्यान में रखकर कभी कोई पटकथा नहीं तैयार करवाता। बल्कि चरित्रों के आधार पर ही कलाकार का चयन करता है। 

‘बैंड बाजा बारात’ की सफलता के बाद आपके जीवन में क्या बदलाव आया?
यह अभी शुरुआत है। मुझे तो अभी तमाम तरह की सफलताएं हासिल करनी हैं। ‘बैंड बाजा बारात’ की सफलता को मैं अपनी सफलता मानती हूं और इसे मैं तकदीर का खेल मानती हूं। इस फिल्म की सफलता के बाद मेरे जीवन में ही नहीं बल्कि मेरे आसपास भी बहुत कुछ बदल गया है। दर्शकों ने मुझ पर ऐसी कृपा दिखायी कि अब बॉलीवुड से जुड़े हर इंसान का नजरिया मेरे प्रति बदल गया है। 

फिर उसी टीम के साथ काम करना कितना सहज रहा?
दोनों फिल्मों की टीम एक ही है। निर्देशक वही हैं। इस कारण काम करना ज्यादा सहज रहा। तो वहीं हम सभी के सामने एक चुनौती थी कि ‘बैंड बाजा बारात’ को जो शोहरत मिली है, उससे आगे जाना है। ‘लेडीज वर्सेस रिक्की बहल’ में उससे बेहतर काम करना है। इसी कारण इस फिल्म के चरित्र और यह फिल्म बहुत ही अलग तरह की है। इस फिल्म में मेरे अलावा परिणीति चोपड़ा, अदिति और दीपानिता शर्मा भी हैं।

फिल्म में अपने चरित्र को लेकर क्या कहेंगी?
यह एक कॉन (चोरी, ठगी) फिल्म के साथ-साथ रोमांटिक कॉमेडी फिल्म भी है। मैं इस फिल्म में इशिका देसाई का किरदार निभा रही हूं,जो कि मुंबई की रहने वाली लड़की है। वह बिंदास, निर्भीक और स्मार्ट है। वह मुंबई में अकेली रहती है। मोटे तौर पर कहें तो बहुत ही तेज तर्रार लड़की है।

‘बदमाश कंपनी’ भी तो कॉन फिल्म ही थी?
‘बदमाश कंपनी’ का मिजाज अलग था। उस फिल्म में चार लोगों की अपनी एक यात्रा थी। उस फिल्म में चोरी या ठगी कहानी का केंद्र नहीं था बल्कि चार पात्र सफलता की यात्रा के दौरान कभी कॉन बन जाते हैं जबकि ‘लेडीज वर्सेस रिक्की बहल’ पूरी तरह से कॉन फिल्म है। इस फिल्म में रिक्की बहल का काम लड़कियों को प्यार में धोखा देना नहीं है।

रणवीर सिंह के साथ आपके रिश्तों को लेकर कई तरह की बात की जा रही हैं?
ये सब खबरें मीडिया फैला रहा है। पता नहीं ये खबरें कैसे फैलती हैं?

आपको नहीं लगता कि यदि कुछ गलत छप रहा है, तो उस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए?
मैं फिलहाल अपना सारा ध्यान अपने काम पर दे रही हूं। मैं किसी का हाथ नहीं पकड़ सकती। मैं स्वयं आगे बढ़कर किसी के पास कोई सफाई देने नहीं जा रही। मैं इससे ज्यादा इस बारे में कुछ नहीं कह सकती।

जब आप फिल्मों में बोल्ड सीन करती है तो आपके माता-पिता की क्या प्रतिक्रिया होती है?
यह मेरे काम का हिस्सा है। मेरे माता-पिता भी इसे मेरे काम की ही तरह देखते हैं। मेरी पृष्ठभूमि आर्मी की है। हकीकत यह है कि मेरे माता-पिता से कहीं ज्यादा मैं दकियानूसी हूं। 

इशिका देसाई के चरित्र को निभाने के लिए किस तरह की तैयारी की?
मैं कोई ट्रेंड एक्टर नही हूं। मैं मैथेड एक्टिंग नहीं करती। मैं तो चरित्र को परदे पर पेश करने के लिए पटकथा पढ़ते वक्त ही तैयारी करनी शुरू कर देती हूं। मैं पटकथा पढ़ते हुए सोचती हूं कि यह चरित्र किस तरह से बात करेगा वगैराह-वगैरह.. । 

शादी की कोई योजना?
मुझे अपनी शादी की प्लानिंग के लिए कम से कम 4 साल का तो ब्रेक लेना ही पड़ेगा, उसके बाद ही मैं कुछ सोच सकती हूं।

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