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ढांचे में सुधार की जरूरत: सिब्बल

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने शैक्षिक कदाचार विधेयक एवं विदेशी शिक्षा प्रदाता विधेयक सहित 14 विधेयकों के संसद में विचाराधीन रहने पर अफसोस प्रकट करते हुए सोमवार को कहा कि देश में शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए ढांचागत और प्रशानिक सुधार की जरूरत है।

सिब्बल ने कहा, ‘हमें राज्यसभा में बहुमत नहीं है। इसलिए अगर कुछ लोग कहते हैं कि हम विधेयक को एजेंडे में शामिल नहीं होने देंगे तो हम क्या कर सकते हैं? हम शैक्षिक कदाचार विधेयक और विदेशी शिक्षा प्रदाता विधेयक को पारित कैसे कराएंगे?’ उन्होंने कहा कि विद्वत राजनीतिज्ञ पूछ रहे हैं कि अगले 10 साल में क्या होगा वहीं आम लोग सुविधाओं के बारे में पूछते हैं।

सिब्बल ने कहा, ‘वर्ष 2020 तक केवल भारत से काम की तलाश में विदेश जाने वालों में 10 करोड़ अतिरिक्त लोग शामिल होंगे। 2030 तक विश्व का एक तिहाई मानव संसाधन भारत द्वारा मुहैया कराया जाएगा। ऐसा मांग के अनुसार होगा और वे पूछ रहे हैं कि हमने इस दिशा में क्या किया।’ उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए ढांचागत और प्रशानिक सुधार तथा सामूहिक प्रयास की जरूरत है।

मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रीय व्यावसायिक योग्यता की रूपरेखा को 2012 के शैक्षिक सत्र में शामिल किया जाएगा। यह मुद्दा अगले तीन से चार हफ्तों में कैबिनेट के समक्ष लाए जाने की सम्भावना है।

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