DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नई ट्रेनों और योजनाओं को लेकर बना रहा रहस्य

परंपरा से हटते हुए रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने आज रेल बजट में नई ट्रेनों, गेज परिवर्तन, ठहराव आदि के संबंध में सीधे घोषणा न करके उन्हें अनुलग्नक में डाल दिया जिससे इन घोषणाओं के बारे में सदस्यों के बीच अंत तक रहस्य बना रहा।

तृणमूल कांग्रेस के नेता दिनेश त्रिवेदी ने लोकसभा में वर्ष 2012-13 का रेल बजट पेश करते हुए कहा कि उन्होंने समय की बचत करने के लिहाज से करीब 824 घोषणाओं को रेल बजट के अनुलग्नक में डाल दिया और सदस्य जब अनुलग्नक देखेंगे तो जरूर आकर उनको धन्यवाद देंगे।

आम तौर पर रेल मंत्री अपने बजट भाषण में ही नई ट्रेनों, ट्रेनों के ठहराव, ट्रेनों के फेरे बढ़ाने और रेल परियोजनाओं की घोषणा करते रहे हैं, लेकिन संभवत: पहली बार ऐसा हुआ कि रेल मंत्री ने ऐसी सभी घोषणाओं को अनुलग्नक में रख दिया जिससे सदस्यों को आभास भी नहीं हुआ कि आखिर ये योजनाएं किन राज्यों और क्षेत्रों से संबंधित हैं।

संभवत: रेल मंत्री ने भाषण के दौरान अपने अपने इलाकों की उपेक्षा किए जाने संबंधी सदस्यों की शिकायतों से बचने के इरादे से यह कदम उठाया। बजट भाषण समाप्त करने के बाद त्रिवेदी विपक्षी बेंचों की ओर चले गए और सदस्यों खासकर विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से हाथ मिलाकर सहयोग के लिए उनका आभार जताया। इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सदन से बाहर जाने के लिए अपनी सीट से उठकर आगे बढ़ रहे थे कि त्रिवेदी तेज कदमों से चलते हुए उनके पास पहुंचे और उनसे हाथ मिलाया तथा उनकी बधायी स्वीकार की।

त्रिवेदी ने करीब पौने दो घंटे के अपने रेल बजट भाषण में शेरो शायरी का बखूबी सहारा लिया और कई मौकों पर सदस्यों की जमकर तारीफ बटोरी। रेल मंत्री ने जब गुजरात और कर्नाटक में रेल कोच फैक्टरी लगाए जाने की घोषणा की तो ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने अपने आगे की सीट पर बैठे दोनों रेल राज्य मंत्रियों भरत सिंह सोलंकी और केएच मुनियप्पा को बधायी दी। गौरतलब है कि सोलंकी गुजरात से और मुनियप्पा कर्नाटक से ताल्लुक रखते हैं।

भाषण के दौरान जब रेल मंत्री के लिए मेज पर पानी का गिलास लाकर रखा गया तो भाजपा के एक सदस्य ने चुटकी लेते हुए कहा कि मंत्री जी पानी तो पी लीजिए। इस पर त्रिवेदी ने तपाक से जवाब दिया, पानी पीने की जरूरत नहीं है।

रेल बजट भाषण के दौरान संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकष्ण आडवाणी, जनता दल यू के वरिष्ठ नेता शरद यादव, सपा नेता मुलायम सिंह जैसे कई वरिष्ठ नेता सदन में मौजूद नहीं थे। भाषण के बीच कुछ सदस्यों ने हेडफोन के काम नहीं करने की शिकायत अध्यक्ष मीरा कुमार से की जिसे कुछ ही क्षण बाद दुरुस्त कर दिया गया।
त्रिवेदी ने लाल बहादुर शास्त्री से लेकर मधु दंडवते और ममता बनर्जी तक कई पूर्व रेल मंत्रियों के योगदान को याद किया। सदन में मौजूद लालू का नाम छूट जाने पर जब कई सदस्यों ने उनका इस ओर ध्यान आकर्षित किया तो उन्होंने कहा कि लालू जी का आशीर्वाद तो हमेशा उनके साथ रहा है।

पूर्व रेल मंत्रियों के योगदान पर रेल मंत्री ने एक शेर कुछ इस तरह पढ़ा-
अब तक की कामयाबियां तुम्हारे नाम करता हूं।
हर एक की लगन को सलाम करता हूं।।

रेल बजट भाषण के दौरान लालू यादव ने कई बार अपने स्थान से खड़े होकर रेल मंत्री का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। इस दौरान कांग्रेस के युवा नेता राहुल गांधी अपने बगल में बैठे संदीप दीक्षित से कुछ विचार विमर्श करते दिखे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:नई ट्रेनों और योजनाओं को लेकर बना रहा रहस्य