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भारत को कई यादगार जीत दिलाई द्रविड़ ने

अपनी पीढ़ी के संपूर्ण और महानतम क्रिकेटरों में शामिल राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया जिससे उनके लगभग 16 बरस के करियर का अंत हो गया। यह दिग्गज बल्लेबाज सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने वालों की सूची में दूसरे स्थान पर है और भारत के लिए कई यागदार जीत इस बल्लेबाज के बल्ले से निकली।
    
भारत के निराशजनक ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद द्रविड़ उम्रदराज तिकड़ी में से संन्यास लेने वाले पहले खिलाड़ी बने। सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण इस अनुभवी तिकड़ी के दो अन्य सदस्य हैं।
    
इंदौर में 11 जनवरी 1973 को जन्में कर्नाटक के लिए इस बल्लेबाज के लिए पिछले साल इंग्लैंड दौर निजी दौर पर यादगार रहा जिसमें उसने चार मैचों में तीन शतक बनाए। द्रविड़ ने यह बेमिसाल उपलब्धि उस समय हासिल की जबकि टीम के अन्य सभी शीर्ष खिलाड़ी सैकड़े के आसपास भी नहीं पहुंच पाए। लेकिन हाल में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लचर प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से बाहर करने की मांग उठने लगी थी।
    
पूर्व भारतीय कप्तान द्रविड़ ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 24.25 के औसत से केवल 194 रन बनाए। इससे भी अधिक निराशाजनक यह रहा है अपने मजबूत डिफेंस के लिए पहचाने जाने वाले द्रविड़ आठ पारियों में छह बार बोल्ड हुए।
    
अपने मजबूत डिफेंस के लिए द वॉल के नाम से मशहूर द्रविड़ ने जून 1996 में पदार्पण के बाद संन्यास ले लिया है। वह हालांकि इंडियन प्रीमियर लीग के पांचवें सत्र में जयपुर की टीम राजस्थान रॉयल्स की कमान संभालेंगे।

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