DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विकास दर निराशाजनक, सुधार के संकेत

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वर्ष 2012-13 के आम बजट भाषण में कहा कि चालू वित्त वर्ष में अनुमानित 6.9 फीसदी की विकास दर 'निराशाजनक' है। मुखर्जी लोकसभा में शुक्रवार को अपना सातवां बजट भाषण पढ़ रहे थे।

उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक संकट का प्रभाव हमारे ऊपर पड़ा है। भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर 2011-12 के दौरान 6.9 फीसदी आकलित की गई है, जबकि पिछले दो वित्तीय वर्ष के दौरान यह 8.4 फीसदी थी।

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि यद्यपि भारतीय अर्थव्यवस्था पर मंदी के विपरीत प्रभावों को कम करने में हम सक्षम रहे हैं। लेकिन इस वर्ष की वृद्धि दर निराशाजनक है। लेकिन भारत अन्य देशों की तुलना में आर्थिक विकास के परिप्रेक्ष्य में शीर्ष देशों में बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सुधार के मुहाने पर खड़ी है और कृषि एवं सेवा क्षेत्र संतोषजनक रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं। चालू वित्त वर्ष 2011-12 की अंतिम तिमाही के पूरे आंकड़े हमारे पास नहीं हैं। इस अवधि के उपलब्ध संकेतकों के अनुसार अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है। कोयला, उर्वरक, सीमेंट एवं विद्युत क्षेत्रों से सुधार के संकेत मिले हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि एक अप्रैल से 12वीं पंचवर्षीय योजना शुरू हो जाएगी और इस दौरान सरकार पांच प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रीय करेगी :

-घरेलू मांग बढ़ाने के लिए नीतियां बनाना
- निजी निवेश में तीव्र वृद्धि सुनिश्चित करना
- कृषि, ऊर्जा, यातायात, कोयला, विद्युत और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए बाधाएं दूर करना
- कुपोषण से निपटना
- निर्णयों के क्रियान्वयन, सेवा आपूर्ति एवं पारदर्शिता के साथ अच्छा प्रशासन और भ्रष्टाचार एवं कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए उपाय करना।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:विकास दर निराशाजनक, सुधार के संकेत