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गृह जनपद के समीप ही तैनात रहेंगे सिपाही व हेड-कांस्टेबिल

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में  सिपाहियों और हेड-कांस्टेबिलों को उनके गृह जनपद के सीमावर्ती जिलों में तैनात करना भी शामिल है। इस फैसले के जरिए समाजवादी पार्टी की सरकार ने पिछली बसपा सरकार के फैसले को बदल दिया है। नई सरकार के इस फैसले से प्रदेश पुलिस के करीब 56 हजार सिपाहियों-हेड कांस्टेबिलों को राहत मिली है। शासन ने पूर्व में जारी शासनादेश में संशोधन करते हुए नया शासनादेश जारी कर दिया।

बसपा सरकार ने वर्ष 2011 में कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने के नाम पर प्रदेश के करीब 56 हजार सिपाहियों-हेड कांस्टेबिलों का तबादला कर दिया था। यह तबादले शासन द्वारा जारी आदेश के तहत किए गए थे, जिनमें कहा गया था कि सिपाहियों और हेड कांस्टेबिलों को  उनके गृह जनपद से दूर जिले में तैनात किया जाए। उन्हें करीब के किसी भी जिले में तैनात करने पर रोक लगा दी गई थी। सिपाहियों-हेड कांस्टेबिलों को गृह जनपद से दूर किसी को गाजियाबाद तो किसी को मिर्जापुर, किसी को सैकड़ों किलोमीटर दूर झांसी में तैनाती दी गई।

इस पर सिपाहियों ने हाईकोर्ट से शरण ली थी। प्रदेश की बसपा सरकार ने हाईकोर्ट में पैरवी की और सिपाहियों-हेड कांस्टेबिलों को अदालत के आदेश पर दिक्कतें होने के बावजूद दूर के जिलों में ज्वाइंनिंग करनी पड़ी। इससे करीब 56 हजार सिपाही और हेड-कांस्टेबिल प्रभावित हुए थे। इस आदेश और सरकार की जबरदस्ती से पुलिस महकमे में खासी खिन्नता व्याप्त थी। इसी मद्देनजर पहली कैबिनेट के फैसलोंे में इस आदेश को खत्म करने पर मुहर लगा दी गई।

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  • Web Title:गृह जनपद के समीप ही तैनात रहेंगे सिपाही व हेड-कांस्टेबिल