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रेलवे में नौकरी दिलाने के रैकेट का भंडाफोड़

सीबीआई ने फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर रेलवे में नौकरी दिलाने के मामले में शनिवार को पूर्व मध्य रेलवे के सीनियर पर्सनल ऑफिसर मो. अली मिर्जा को गिरफ्तार किया है। सीबीआई के अनुसार, पूर्व मध्य रेलवे के जीएम पर्सनल के हाजीपुर स्थित कार्यालय में तैनात मिर्जा रैकेट का सरगना है।

मिर्जा पटना सिटी क्षेत्र का रहने वाला है। मिर्जा पर फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर रेलवे में नौकरी देने वाला रैकेट चलाने का आरोप है। सीबीआई ने इस मामले में एक रेलकर्मी के पुत्र आशीष कुमार को भी गिरफ्तार किया है।

सीबीआई के अनुसार वर्ष 2008 में ‘फ्रेस फेस रिक्रूटमेंट’ के नाम पर कई लोगों ने धोखाधड़ी के आधार पर नौकरी पा ली थी। इस मामले में सुराग तलाशते हुए सीबीआई टीम मिर्जा तक पहुंची।

सीबीआई के अनुसार वर्ष 2008 में मिर्जा पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के हाजीपुर स्थित कार्यालय के रिक्रूटमेंट सेक्शन में बतौर सीनियर पर्सनल अधिकारी तैनात था। सीबीआई के अनुसार मिर्जा ही दानापुर, धनबाद और मुगलसराय के डीआरएम कार्यालय को नियुक्ति के लिए पत्र भेजा करता था।

सीबीआई के अनुसार इस रैकेट में शामिल लोग जाली दस्तावेज बनाने के साथ-साथ फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी करते थे। खासबात यह थी कि फर्जी नियुक्ति पत्र विभाग की ओर से किए जाने वाले वास्तविक प्रत्रचार के साथ मैसेंजर के माध्यम से भेजे जाते थे किसी को शक न हो।

सीबीआई के अनुसार, अभ्यर्थी कुमारी असना को दानापुर रेल मंडल में नौकरी के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया गया था। वहीं जीतेन्द्र कुमार यादव, हरिश्चंद्र यादव, अवधेश कुमार और आनंद विद्यार्थी को मुगलसराय रेल मंडल और विश्वास कुमार श्रीवास्तव को धनबाद रेल मंडल में नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया था।

सीबीआई के अनुसार कुमारी असना, विश्वास कुमार श्रीवास्तव और तीजेन्द्र कुमार यादव ने ज्वाइन नहीं किया। इसके पहले ही धोखाधड़ी का पर्दाफाश हो गया था।

सीबीआई के अनुसार पूर्व में इस मामले में एक केस आरसी-21/2008 दर्ज कर उन अभ्यर्थियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की जा चुकी है जिन्होंने फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर नौकरी पाई थी।

मामले की जांच में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब इस मामले में आशीष सीबीआई की पकड़ में आया। सीबीआई के अनुसार आशीष अपनी ही हैंडराइटिंग में फर्जी मेडिकल मेमो तैयार करने का आरोपी माना गया है।

25 वर्षीय आशीष ने बीसीए की पढ़ाई की है और फिलहाल लॉ की पढ़ाई कर रहा है। आशीष पर आरोप है कि यह सब वह अपने मामा आनंद विद्यार्थी को गलत तरीके से नियुक्त कराने के लिए कर रहा था।

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