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कांटी बिजलीघर में दो नई यूनिट का रास्ता साफ

लगभग दो दशक की लंबी प्रतीक्षा के बाद कांटी बिजलीघर में नई यूनिट स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया। मुजफ्फरपुर के कांटी में 195-195 मेगावाट क्षमता की दो यूनिटें स्थापित होंगी।

छह मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसके निर्माण की आधारशिला रखेंगे। वर्ष 2014-15 में दोनों यूनिट बनकर तैयार हो जाएंगी। इस परियोजना पर 3345 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
कांटी में वर्ष 1990 में ही 250-250 मेगावाट क्षमता की दो नई यूनिट लगाने की योजना स्वीकृत हुई थी।

स्टेज-एक के तहत 250 मेगावाट और स्टेज-दो के तहत इतनी ही क्षमता के बिजलीघर लगने थे। इसके लिए 1452 करोड़ रुपए की योजना स्वीकृत की गई। बिजलीघर को वर्ष 1990 में पर्यावरण स्वीकृति,1991 में नेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी क्लीयरेंस और एसपीसीबी से एनओसी भी प्राप्त हो गया। जमीन और पानी की व्यवस्था पहले ही हो चुकी थी।

सेन्ट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी से मई 1993 में टेक्नो-इकोनामिक क्लीयरेंस मिलने के बाद वर्ष 1995 में योजना आयोग ने भी परियोजना को हरी झंडी दे दी। इतना कुछ होने के बावजूद बिजलीघर लगाने की तमाम कोशिशें कागज से बाहर नहीं आ पाईं। राज्य में नीतीश सरकार बनने के बाद बिजलीघर निर्माण की पहल नए सिरे से शुरू की गई।

इसी बीच एयरपोर्ट अथारिटी की आपत्ति के बाद कांटी बिजलीघर की क्षमता में 110 मेगावाट की कटौती हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 18 वर्षो के बाद 16 जुलाई 2008 को इसकी चिमनी की ऊंचाई को लेकर आपत्ति की और उसे कम करने को कहा।

लिहाजा सुरक्षा की दृष्टि से चिमनी की ऊंचाई घटाई गई जिससे बिजलीघर की क्षमता भी घटानी पड़ी और उसमें 55-55 मेगावाट की कमी हो गई। पहले यहां 275 मीटर ऊंची चिमनी का निर्माण किया जाना था पर इसे रक्षा कारणों से असुरक्षित बताया गया। बाद में मात्र 146.5 मीटर ऊंची चिमनी को ही स्वीकृति मिली। लिहाजा बिजलीघर की क्षमता घटाकर 195-195 मेगावाट की गई।

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  • Web Title:कांटी बिजलीघर में दो नई यूनिट का रास्ता साफ