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बिहार के लोगों ने मेहनत से बनाई है पहचानः नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि बिहार के लोगों ने मेहनत और अपने काम से दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है और दूसरे समाजों की जरुरत बन गए हैं। इसलिए राज्य के बाहर जाकर काम करने पर उन्हें अपमानित नहीं किया जाना चाहिए।

कुमार ने यहां बिहार शताब्दी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के लोग स्वभाव से प्रवासी हैं और इस कारण दुनिया के तमाम हिस्सों में जाकर उन्होंने अपना स्थान बनाया है। इस प्रवृति को उनकी जीविका की मजबूरी नहीं समझा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न संगठनों के लोग अतीत में प्रवासी बिहारवासियों को अपमानित करने की कोशिश करते रहे हैं लेकिन सच यह है कि बिहार के लोग भीख मांगने नहीं बल्कि मेहनत करने के लिए जगह जगह घूमते हैं।

महाराष्ट्र और असम में पिछले वर्षों में कुछ आपत्तिजनक घटनाएं हुई थी। लेकिन मैं कहता हूं कि यदि चांद पर भी मानव श्रम की जरूरत हो तो बिहार के छात्र सबसे पहले पहुंचेंगे क्योंकि उनके पास श्रेष्ठ प्रतिभा है।

समारोह में मंच पर मौजूद और विशिष्ट बिहारी सम्मान से सम्मानित पूर्व विदेश सचिव श्याम शरण तथा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष उपेन्द्र कुमार सिन्हा की ओर इशारा करते हुए कुमार ने कहा कि ये लोग साबित कर चुके हैं कि किसी भी तरह की परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए बिहार के छात्र हमेशा उद्यत रहते हैं और फिर जहां जाते हैं वहां समाज की सेवा पूरे मन से करते हैं।

इसलिए बिहार के लोग किसी भी समाज के लिए बोझ नहीं बल्कि हर समाज की जरुरत बन गए हैं।

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