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जोश और उत्साह के साथ मनाया गया बिहार उत्सव

यह पहला मौका था जब राजधानी दिल्ली में बिहार के सौ साल पूरे होने का जश्न मनाया गया। इस मौके पर दिल्ली ही नहीं बिहार से भी आए लोगों ने शिरकत की। क्या बूढ़ा, क्या जवान हर कोई इस दिन को जीना चाहता था।

हजारों की तादाद में प्रवासी उमड़ पड़े। मैदान में लोगों का जोश इतना अधिक था कि वहां पर पैर रखने की जगह तक नहीं थी। लोगों में जोश था, उत्साह था। नीतीश की मौजूदगी ने इस उत्सव में चार चंद लगा दिए।

उत्सव के शुरुआती समय से लेकर अंतिम पड़ाव तक एक रिपोर्ट


12:30 दोपहर
बिहार राज्य के सौ वर्ष के अवसर पर बुराड़ी का ऐतिहासिक कोरोनेशन पार्क चारों तरफ से सुरक्षाकर्मियों से घिर हुआ था। अव्यवस्था से बचने के लिए मीडिया और आमजन के लिए अलग से द्वार थे जहां से लोग  धीरे-धीरे प्रवेश कर रहे थे। वहीं मंच पर मौजूद कार्यक्रम संचालक बिहार की संस्कृति और इतिहास के बारे में कविताओं के माध्यम से बता रही थीं। इस बीच, जैसे ही जय बिहार का नारा लगता, लोगों की तालियों से पूरा माहौल जोश से भर जाता। करीब एक घंटे तक ऐसा ही चलता रहा।

01:30 दोपहर
लोगों का हुजूम बढ़ने लगा था। सबको अपने राज्य के नेता का इंतजार था। लोगों के शोर-शराबे के बीच जैसे ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आने की घोषणा हुई। लोगों का उत्साह बढ़ गया। लोगों ने कई मिनटों तक लगातार तालियां और जय बिहार के नारे लगाकर नीतीश कुमार का स्वागत किया। कुछ ही क्षण बाद नीतीश मंच पर पहुंचे। उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उसके बाद बिहार के हर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे स्कूली बच्चों ने ढोल के साथ राष्ट्रगान गा लोगों का मनमोह लिया।

02:00 दोपहर
अपने नेता को देख लोगों का उत्साह बढ़ता ही जा रहा था। कुछ ही देर बाद मंच से 20 ऐसे लोगों को सम्मानित किए जाने का ऐलान हुआ जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में मुकाम हासिल कर बिहार का नाम रोशन किया है। उधर, नाम का ऐलान हुआ ही थी कि मंच पर सम्मानित किए जाने वाले 20 लोग मंच पर पहुंच गए। इसके बाद नीतीश ने सभी को एक-एक मधुबनी चित्रकला, शॉल और ट्रॉफी से सम्मानित किया।

02:30 दोपहर
सम्मानित किए गए इन 20 लोगों में प्रसिद्ध भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी भी थे। जैसे ही उन्हें पुरस्कार के लिए बुलाया गया, लोग उनकी एक झलक देखने के लिए खड़े हो गए। ऐसा लग रहा था कि जनसैलाब खुशी से उमड़ पड़ा हो।  मनोज तिवारी ने हाथ जोड़कर ट्राफी दिखाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया। वहीं मंच से संचालक ने मनोज तिवारी के प्रस्तुति के बारे में जानकारी दी। ये सुनकर लोग खुशी से झूम उठे।

3:00 दोपहर
मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विशाल जनसमूह को संबोधित करना शुरू किया। नीतीश ने सबसे पहले जय हिंद, जय बिहार का नारा लगाकार लोगों में जोश भर दिया। जैसे-जैसे वे बोलते जा रहे थे, लोग तालियां बजा उनका समर्थन कर रहे थे। नीतीश ने बिहार के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार का इतिहास असल में हिन्दुस्तान का इतिहास है। जब उन्होंने कहा कि आज का बिहारी गर्व महसूस करता है और दिल्ली जैसा शहर हमारे बिना ठप हो जाएगा तो तालियों और नारों की गूंज से पूरा जनसैलाब गूंज उठा। उनकी हर बात पर हर कोई फूला नहीं समा रहा था।

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  • Web Title:जोश और उत्साह के साथ मनाया गया बिहार उत्सव