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बिहार की नई तस्वीर गढ़ने वालों का आज होगा सम्मान

बिहार की नई तस्वीर गढ़ रहे सौ नायक सोमवार को पटना पहुंचेंगे। चुपचाप अपने रचनात्मक काम में लगे ये नायक कल तक अनचिन्हे और अनजाने थे, लेकिन पिछले चार महीनों की अथक कोशिश के बाद ‘हिन्दुस्तान’ ने अपने पाठकों की मदद से इनकी तलाश की और अब ये पूरे देश के सामने होंगे।

सोमवार को होटल मौर्या में आयोजित ‘हिन्दुस्तान समागम’ में इन सौ नायकों का सम्मान होगा। समागम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे, जबकि भारती इंटरप्राइजेज लिमिटेड के एमडी और ग्रुप चेयरमैन सुनील भारती मित्तल के अलावा प्रथम की निदेशक रुक्मिणी बनर्जी विशिष्ट अतिथि होंगी। राज्यसभा सांसद एनके सिंह भी समारोह में शिरकत करेंगे।

‘हिन्दुस्तान समागम’ की तैयारी पूरी हो चुकी है। बिहार के सुदूर इलाकों में काम कर रहे नायक इस समारोह में शामिल होने के लिए रविवार को ही रवाना हो चुके हैं। सबके मन में उमंग है और सभी उत्साह से भरपूर हैं। सोमवार की अहलेसुबह से इन नायकों का आना शुरू हो जाएगा। इधर राजधानी के लोगों में भी अपने इन नायकों से मिलने की तीव्र इच्छा है।

खासकर सभी उन अंतिम आठ नायकों के बारे में जानना चाहते हैं, जिनका चुनाव हिन्दुस्तान के निर्णायक मंडल ने कठिन जांच-पड़ताल और मेहनत के बाद की है। इनके बारे में जानने के लिए ‘हिन्दुस्तान’ कार्यालय में लगातार फोन आ रहे हैं।

इन आठ नायकों के नाम की घोषणा सोमवार को समारोह के दौरान की जाएगी। इन सभी नायकों के चुनाव में ‘हिन्दुस्तान’ के पाठकों का जबर्दस्त योगदान रहा है। जैसे ही ‘हिन्दुस्तान’ ने अपने इस अभियान की घोषणा की, लोगों ने आगे बढ़कर इसका स्वागत किया।

उन्होंने सैकड़ों लोगों की प्रविष्टियां भेजीं। इसके साथ ही ‘हिन्दुस्तान’ की टीम अपने अभियान को लेकर समाज के विभिन्न तबकों के बीच गई। संवाद से लेकर पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिताएं तक हुईं। लोगों के बीच जनसंपर्क अभियान चलाया गया। प्रविष्टियों के चयन के लिए एक्सपर्ट पैनल बनाए गए और इनकी लगातार बैठकें हुईं।

आखिरकार शिक्षा, सामाजिक सरोकार, धार्मिक सद्भाव, महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता, रोजगार, उद्यमिता और कृषि के क्षेत्र में अनोखा और जनता के हित में काम कर रहे सौ नायकों का चयन किया गया। सौ लोगों की यह सूची निर्णायक मंडल के पास पहुंची।

इस निर्णायक मंडल में राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एसएन झा, सदस्य न्यायमूर्ति राजेन्द्र प्रसाद और बिहार के पूर्व मुख्य सचिव विजय शंकर दुबे शामिल थे। इस निर्णायक मंडल ने इनमें से आठ ऐसे लोगों का चुनाव किया गया, जिनके काम सबसे अनोखे थे।

जब इन नायकों तक यह सूचना पहुंची कि पूरा राज्य 19 मार्च को उनके कार्यो का सम्मान करने वाला है तो वे चौंक गए। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके काम की गूंज कभी राजधानी तक भी पहुंचेगी। अब राजधानी कल उनकी आवाज के साथ अपनी आवाज मिलाएगी।

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