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चारा घोटाले मामले की मॉनिटरिंग से हाईकोर्ट का इनकार

पटना हाईकोर्ट ने बहुचíचत चारा घोटाले से संबंधित एक मामले की मॉनिटरिंग करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा है कि सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल कर दिया है और विशेष कोर्ट का भी गठन हो चुका है। इसलिए इसमें हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। न्यायमूर्ति टी मीना कुमारी और गोपाल प्रसाद की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।

सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने एक पीआईएल दायर कर चारा घोटाले से संबंधित मामला आरसी 63 ए/1996 की मॉनिटरिंग किए जाने का अनुरोध हाईकोर्ट से किया था। उनकी ओर से वरीय अधिवक्ता बसंत कुमार चौधरी ने अदालत को बताया कि यह काफी बड़ा मामला है और काफी दिनों से लंबित है।

उन्होंने कहा कि इससे  जुड़े अन्य मामले की मॉनिटरिंग सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट ने की थी। मॉनिटरिंग के अभाव में पटना के विशेष अदालत में लंबित इस  मामले की प्रगति काफी धीमी है। अपर महाधिवक्ता ललित किशोर ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने चारा घोटाले से संबंधित मामले की सुनवाई के लिए दो जजों की नियुक्ति कर दी है। सुनवाई में सीबीआई के वकील विपिन कुमार सिन्हा ने भी भाग लिया। अदालत ने मामले को निष्पादित कर दिया।


कौन कितने दिन रहा जेल में
आरोपित                  कांड               रहे जेल में
लालू प्रसाद          5 मामले          244 दिन
डॉ. जगन्नाथ मिश्र         4 केस           188 दिन
सीपी वर्मा                  4 केस            211 दिन
विद्या सागर निषाद         4 केस            358 दिन
भोलाराम तूफानी (मृत)  4 केस           142 दिन
जगदीश शर्मा            4 केस             354 दिन
ध्रुव भगत                5 मामले            672 दिन
आरके राणा              6 केस              841 दिन
फूलचंद सिंह           6 केस               581 दिन
के अरुमुगम            6 केस               510 दिन
महेश प्रसाद             6 मामले             429 दिन
(सीबीआई रिपोर्ट  के अनुसार)

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