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26/11 की सुनवाई को पाक वकील भारत आने को तैयार

मुम्बई हमले में संलिप्तता के आरोपी सात पाकिस्तानी संदिग्धों के वकीलों ने आतंकवाद निरोधक अदालत में शनिवार को कहा कि पांच वकील न्यायिक आयोग के अंग के रूप में भारत जाने को तैयार हैं।

रावलपिंडी की अदियाला जेल में न्यायाधीश शाहिद रफीक की ओर से बंद कमरे में की गयी सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की वकीलों ने पांच वकीलों के नाम बताएं जो आयोग में शामिल होने को तैयार हैं। अदालत में इन पांच वकीलों के पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज सौंपे गये।

इन वकीलों में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी के वकील ख्वाजा सुलतान, रियाल चीमा, असाम बिन हरीर और फखर ए हयात शामिल हैं।

सुलतान ने अदालत में एक आवेदन दर्ज कर अदालत से अनुरोध किया कि वह संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के वकीलों को बचाव पक्ष के वकीलों को भारत की निर्धारित यात्रा के ब्यौरे खासकर सुरक्षा इंतजाम से अवगत कराने का निर्देश दे।

न्यायाधीश रफीक ने एफआईए के विशेष जांच दल के प्रमुख खालिद कुरैशी से इस यात्रा के बारे में बचाव पक्ष के वकीलों को सभी संबंधित बातों की जानकारियों उपलब्ध कराने को कहा। उसके बाद न्यायाधीश ने तीन जनवरी तक के लिए मामले (की सुनवाई) स्थगित कर दी।

दस दिसंबर को पिछले सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात संदिग्धों के आवाज नमूने की मांग करते हुए एक आवेदन दर्ज किया था जिसपर आज कोई बहस नहीं हुआ।

एक अलग घटनाक्रम में सुलतान ने कहा कि शायद भारत उसे वीजा नहीं दे क्योंकि खबरें हैं कि वहां के अधिकारी उनके प्रति अपनी नापसंदगी व्यक्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मैं अपहरण मामलों से जुड़े कुछ व्यक्तियों की ओर से पेश हुआ जिसके बाद भारत सरकार ने मुझे अस्वागत योग्य करार दिया। यदि भारत ने मुझे वीजा नहीं दिया तो हममें से (बचाव पक्ष में से) कोई भी आयोग के अंग के रूप में भारत नहीं जाएगा।

पिछली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने अपना रूख पलटते हुए अदालत को बताया कि वे न्यायिक आयोग के साथ भारत की यात्रा करने को इच्छुक हैं। आयोग भारतीय कानूनी अधिकारियों के साथ मिलकर गवाहों और महत्वपूर्ण अधिकारियों के सवाल जवाब करेगा और उनके बयान रिकार्ड करेगा।
इन गवाहों और महत्वपूर्ण अधिकारियों में मुम्बई हमले का एकमात्र जिंदा हमलावर अजमल कसाब के बयान दर्ज करने वाले मजिस्ट्रेट, हमले की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी और इस हमले में मारे गए लोगों एवं हमलावरों का शव परीक्षण करने वाले डाक्टर शामिल हैं। पाक अभियोजन पक्ष का कहना है कि आयोग का भारत यात्रा करना महत्वपूर्ण है ताकि पाकिस्तान में सुनवाई आगे बढ़े।

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