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जरदारी जयपुर से रावलपिंडी के लिए रवाना

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के साथ बैठक करने और अजमेर में सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की जियारत करने के बाद विशेष वायुयान से जयपुर से रावलपिंडी के लिए रवाना हो गए।

पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दरगाह में जियारत कर दरगाह के विकास के लिए दस लाख डालर देने का ऐलान किया। अधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पाक राष्ट्रपति के राजस्थान यात्रा पर सांगानेर हवाई अड्डे पहुंचने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनकी अगवानी की। दरगाह की जियारत कर जरदारी के स्वदेश रवाना होने पर उन्होंने विदाई दी।

पाकिस्तानी राष्ट्रपति की कुछ घंटों की राजस्थान यात्रा के दौरान सांगानेर हवाई अड्डे पर और अजमेर में सुरक्षा के सख्त प्रबंध किए गए थे।

इससे पहले पाकिस्तानी राष्ट्रपति के अजमेर पंहुचने पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। जरदारी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ घूघरा हेलीपेड से करीब 13 किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से पूरा कर सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पंहुचे।

जरदारी, उनके बेटे बिलावल ने ख्वाजा साहब की जियारत की और पवित्र मजार पर चादर और फूल चढ़ाये। जियारत करने के बाद अंजुमन की ओर से पाक राष्ट्रपति तथा बिलावल भुट्टो की दस्तारबंदी की गई। बुलंद दरवाजे पर जरदारी को तलवार भी भेंट की गई। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की ओर से केन्द्रीय मंत्री पवन बंसल ने मजार पर चादर चढ़ाई। बंसल जरदारी के साथ ही दिल्ली से आए थे। पाक राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान जयपुर के सांगानेर हवाई अड्डे पर और घूघरा (अजमेर) से दरगाह तक सुरक्षा के जबरदस्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।

सुरक्षा प्रबंध के कारण दरगाह क्षेत्र की दुकानें बंद करवा दी गई और पाक राष्ट्रपति के अजमेर पंहुचने से पहले ही दरगाह में आम जायरीन के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।

 

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