DA Image
26 नवंबर, 2020|4:09|IST

अगली स्टोरी

कुश्ती के मास्टर हैं राजीव तोमर

कुश्ती किसे पसंद नहीं। तुम भी तो खेल-खेल में पहलवानी दिखाते हो ना। इसीलिए आज हमारा हीरो एक पहलवान है, जो न जाने कितने पहलवानों को धूल चटा चुका है। उसके बारे में बता रही हैं एम. मीनल

31 दिसंबर 1980 को उत्तर प्रदेश में जन्मे राजीव तोमर को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए 2010 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। राजीव 2008 के बीजिंग ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

गुरु हनुमान अखाड़े में अपने कोच महासिंह राव से कुश्ती की बारीकियां सीखने वाले राजीव कई बार भारत केसरी भी रह चुके हैं और उन्होंने तीन बार राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है।

राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पहलवानों को चित कर भारतीय पहलवान राजीव ने अर्जुन अवॉर्ड के साथ-साथ कई अवॉर्ड से अपनी जादू की झोली भर रखी है, जिसमें कई स्वर्ण पदक के साथ सिल्वर व कांस्य पदक भी हैं।

वर्ष 2005 में ओमान में हुए कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक के साथ इसी वर्ष साउथ अफ्रीका में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर पदक को भी राजीव ने जीत लिया।

इसके बाद वर्ष 2007 में कनाडा में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक उनके ही खाते में गया। इसके बाद राजीव तोमर ने वर्ष 2008 में ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया। साथ ही वर्ष 2009 में जालंधर कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप व मुस्तफा गोल्ड कप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता और वर्ष 2009 में ही जर्मन में सिल्वर पदक जीता।  वर्ष 2009 में अमेरिका में हुए वर्ल्ड कप में कांस्य पदक हासिल कर अपनी झोली भरी।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:कुश्ती के मास्टर हैं राजीव तोमर