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ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का बजट बढ़ा

बजट से पूर्व प्रधानमंत्री ने हालांकि स्वास्थ्य के बजट को जीडीपी के 2.5 फीसदी के बराबर ले जाने की बात कही थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। किन्तु स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के बजट में करीब ढाई हजार करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। यदि स्वास्थ्य के पूरे बजट पर नजर डालें तो इसमें करीब छह हजार करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। सबसे बड़ी बात यह है कि बजट में उप्र और बिहार के दो-दो मेडिकल कालेजों को अपग्रेड करने को मंजूरी प्रदान की गई है। कुल सात मेडिकल कालेजों को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अपग्रेड किए जाने को मंजूरी प्रदान की गई है।


बजट में एनआरएचएम के लिए पूर्व में जारी हुए फंड (18115 करोड़) को बढ़ाकर 20,822 करोड़ रुपये करने का जिक्र किया। साथ ही शहरी स्वास्थ्य मिशन भी शुरू करने का ऐलान किया। मंत्रलय के अनुसार अब राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का नाम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हो जाएगा तथा शहरों की गरीब आबादी को भी इसके दायरे में लिया जाएगा। इसमें विशेषज्ञों को थोड़ा आश्चर्य है क्योंकि विस्तार के हिसाब से स्वास्थ्य मिशन के बजट में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। हालांकि मंत्रलय के एक अधिकारी का मानना है कि शहरी स्वास्थ्य मिशन के लिए कैबिनेट अलग से आवंटन करेगी।
स्वास्थ्य बजट का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना के तीसरे चरण की मंजूरी रही है। इसमें राज्यों के सात मेडिकल कालेज को अपग्रेड कर एम्स की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। दरअसल, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना एनडीए के शासन में शुरू हुई थीए जिसमें छह एम्स जैसे अस्पताल और कालेज खोलने का ऐलान किया गया था। अब ये करीब-करीब तैयार हैं। इसके बाद में यूपीए सरकार ने इसमें दो और एम्स जोड़े, जो उप्र के रायबरेली और पश्चिम बंगाल के रायगंज में खुलने हैं। इसके अलावा 13 राज्य मेडिकल कालेजों को अपग्रेड करके एम्स की टक्कर का बनाने का ऐलान भी किया था। जिन पर कार्य चल रहा है।
अब योजना के तीसरे चरण में सात और मेडिकल कालेजों को अपग्रेड किया जाएगा। इनमें दो कालेज उप्र के राजकीय मेडिकल कालेज झांसी और गोरखपुर हैं। झांसी पिछड़ा इलाका है जबकि गोरखपुर क्षेत्र में जापानी इन्सेफेलाइटिस की वजह से स्थानीय मेडिकल कालेज को अपग्रेड करने की सख्त जरूरत महसूस की जा रही थी। बिहार के दो कालेज दरभंगा और मुजफ्फरपुर हैं, जिन्हें अपग्रेड करने के लिए इस योजना में लिया गया है। रीवा, कोझिकोड और बेल्लारी भी का एक-एक मेडिकल कालेज है। इसके लिए केंद्र सरकार प्रति कालेज 125 करोड़ रुपये राज्य सरकारों को देगी। जबकि 25 करोड़ रुपये राज्यों को लगाना होगा। इसके अलावा बजट में एड्स, कैंसर, फंगल संक्रमल, रोटा वायरस की दवाओं पर उत्पाद शुल्क में छूट देने का फैसला किया गया है।

किस महकमे का कितना बढ़ा बजट  2011-12  2012-13
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग-  23560  27127
आयुष विभाग    900   990
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग   600   660
एड्स नियंत्रण विभाग    1700  1700
आंकड़े (करोड़ में)


राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन  (करोड़)
2010-11 15440
2011-12.1 18115
2012-13   20822

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