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'सचिन-द्रविड जैसे दिग्गजों का विकल्प ढूंढना होगा'

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन का मानना है कि भारत को सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का विकल्प जल्द से जल्द ढूंढ लेना होगा तभी वह फिर नंबर वन बनने की कोशिश कर सकता है।
 
नासिर ने यहां इंडिया टूडे सम्मेलन में 'राइजिंग फ्रॉम द एशेज' सत्र में कहा कि नंबर वन बनने के लिए कोई जादुई छड़ी नहीं होती है। इसके लिए खिलाड़ियों की फिटनेस, कड़ी मेहनत और खिलाड़ियों के एक अच्छे पूल का होना जरूरी होता है।
 
गत वर्ष इंग्लैंड दौरे में टीम इंडिया की कड़ी आलोचना करने वाले नासिर इस बार भारतीय खिलाड़ियों की सराहना करने से चूक नहीं रहे थे। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया में ट्वंटी 20 विश्वकप जीता। गत वर्ष वनडे विश्वकप भी जीता, नंबर वन टेस्ट टीम भी बने। उसके पास फेबुलस फोर थे जो अब फेबुलस थ्री रह गए हैं। उसके पास सचिन जैसा महान बल्लेबाज है लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि आप हमेशा इन खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रह सकते।
 
पूर्व इंग्लिश कप्तान ने कहा कि यह खिलाड़ी मशीन नहीं है। एक समय के बाद इन्हें भी संन्यास लेना होगा। इसलिए जरूरी है कि आप समय रहते इनका विकल्प ढूंढ ले जैसे इंग्लैंड की टीम के पास किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर उसकी जगह लेने के लिए उसी के स्तर का खिलाड़ी मौजूद रहता है वैसा मैं टीम इंडिया में नहीं देख पा रहा हूं। हालांकि भारत के पास विराट कोहली जैसा बड़ा टैलैंट है लेकिन और खिलाड़ियों को भी आगे लाने की जरूरत है।

मुझे यकीन है इस खेल को लेकर भारत में जैसा जुनून है उससे वह फिर नंबर वन बन सकता है। नासिर ने कहा कि भारत के साथ एक समस्या है कि वह महान बल्लेबाज तो पैदा करता है लेकिन अच्छे तेज गेंदबाज पैदा नहीं कर सकता है जैसा इंग्लैंड और पाकिस्तान के पास है। उन्होंने साथ ही कहा कि प्रवीण कुमार अच्छे गेंदबाज है लेकिन बेस्ट नहीं है। आपको जेम्स एंडरसन और स्टूअर्ट ब्रॉड जैसे गेंदबाज तैयार करने होंगे जो 20 विकेट ले सकें।
 
टीम इंडिया के गत वर्ष के इंग्लैंड दौरे का जिक्र करते हुए नासिर ने कहा कि विश्वकप जीतने के बाद भारत ने इंग्लैंड दौरे को हल्के में ले लिया था और बिना किसी तैयारी के इंग्लैंड जा पहुंचे थे जबकि इंग्लैंड की टीम पूरी तरह तैयार थी।
 
उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी विश्वकप के बाद आईपीएल खेले। वेस्टइंडीज का दौरा भी किया लेकिन वह इंग्लैंड दौरे के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। कुछ खिलाड़ी चोटिल थे और कुछ पर थकान हावी थी। ऐसी हालत में एंडरसन और ब्रॉड जैसे गेंदबाजों का सामना नहीं कर सकते।
 
नासिर ने कहा कि मुझे हैरानी है कि भारतीय खिलाड़ियों में जो कैरेक्टर और फिटनेस दिखाई देनी चाहिए थी वह बिल्कुल नदारद थी और उनके इंग्लैंड में हारने का यह कारण था। आप जब भी चोटी पर होते हैं तो आपको यह ध्यान देना चाहिए कि दूसरे आपको पकड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे है और यह बात भारतीय टीम भूल गई थी।

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