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दिमाग में घुस गई धुन है तनाव की निशानी

क्या किसी गीत की धुन लगातार दिमाग में घूम रही है, यदि आप समझते हैं कि गीत की धुन बहुत अच्छी होने के कारण ऐसा हुआ है तो यह सोच गलत है। एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि तनाव, स्मृतियों की गूंज तथा माहौल में बदलाव के चलते ऐसा होता है।
   
लंदन के गोल्डस्मिथ कालेज में शोधकर्ताओं का कहना है कि किसी गीत की धुन के लगातार दिमाग में घूमते रहने को ईयरवोर्म कहा जाता है और किसी शब्द मात्र से या किसी तनावपूर्ण अनुभव के बाद ऐसा देखा जाता है। डेली मेल ने यह खबर दी है।
   
प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर विकी विलियमसन ने बीबीसी सिक्स म्यूजिक के साथ काम करते हुए 2500 से अधिक ईयरवोर्म अनुभव एकत्र किए। जिन लोगों के ये अनुभव थे, उनमें एक महिला ने अपनी शादी और प्रसूति के समय एक ही गीत बार बार अपने दिमाग में घूमता महसूस किया जो बनानारामा का नैथान जोंस गीत था। उसने पहली बार 16 साल की उम्र में परीक्षा देने के दौरान इस गीत को सुना था।
   
लेकिन केवल तनाव के कारण ही कोई धुन दिमाग में नहीं अटकती है। विलियमसन के ईयरवोर्म अनुभव में एक ऐसा भी अनुभव था जब अपने कार्यालय में उसने जूतों के एक डिब्बे को देखकर अपने दिमाग में जार्ज माइकल का गीत बजता महसूस किया।
  
शोधकर्ताओं का मानना है कि ईयरवोर्म स्वैच्छिक स्मृति का हिस्सा हो सकते हैं। यह दिमाग का वही हिस्सा है जो लोगों को अचानक अपने किसी ऐसे दोस्त के बारे में सोचने को मजबूर करता है जिसे उसने सालों से नहीं देखा हो।
   
विलियमसन ने कहा कि यदि कभी भी दिमाग में इस प्रकार कोई धुन बार बार घूमती महसूस हो तो परेशान न हों। बल्कि किसी दूसरी धुन को सुनकर पहली धुन को दिमाग से निकालने की कोशिश करें।

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