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गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून में संशोधन को मंजूरी

आतंकवादियों के वित्तपोषण और मनी लांडरिंग की गंभीर समस्या से निपटने के उद्देश्य से सरकार ने गुरुवार को गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून में संशोधन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला किया गया। गृह मंत्रालय के इस प्रस्ताव को मंजूरी दिये जाने के साथ ही अब संसद के मानसून सत्र में संशोधनों सहित एक विधेयक पेश किया जाएगा।

प्रस्तावित संशोधन के जरिए सरकार गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून को अधिक प्रभावशाली बनाना चाहती है, ताकि आतंकवादियों के वित्तपोषण, मनी लांडरिंग, नकली भारतीय नोट के प्रसार और गैर कानूनी वित्तीय गतिविधियों जैसी समस्याओं पर लगाम लगायी जा सके।

विधेयक में प्रावधान किया गया है कि आतंकवादियों के वित्तपोषण सहित किसी आतंकवादी गतिविधि में शामिल एसोसिएशन को गैर कानूनी घोषित रखने की अवधि दो साल से बढ़ाकर पांच साल किया जाए।

विधेयक आतंकवादी गतिविधि की परिभाषा को भी विस्तृत बनाता है। भारत की आर्थिक सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली गतिविधियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। साथ ही ऊंची गुणवत्ता के नकली भारतीय नोट के उत्पादन, तस्करी या प्रसार के जरिए मौद्रिक स्थिरता को प्रभावित करने का कृत्य भी विधेयक के प्रावधानों में शामिल होगा।

संशोधन के जरिए सरकार चाहती है कि अदालतों को और अधिक अधिकार मिलें ताकि वे उस व्यक्ति की उतने मूल्य की संपत्ति को जब्त कर सके, जितने मूल्य के नकली भारतीय नोट उसके पास से बरामद हुए हैं।

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  • Web Title:गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून में संशोधन को मंजूरी